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विशेषण किसे कहते हैं? परिभाषा, भेद व उदाहरण Visheshan Kise Kahate Hain

स्वागत है दोस्तों आज की नई पोस्ट विशेषण  (Visheshan) में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की विशेषण किसे कहते हैं?(Visheshan kise Kahate Hain) विशेषण के कितने भेद होते हैं? तथा साथी में विशेषण (Bahuvrihi Samas) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस संपूर्ण पोस्ट को पढ़ेंगे।
समास हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण अंग है हर परीक्षा में समास से सवाल पूछे जाते हैं आज हम महत्वपूर्ण टॉपिक विशेषण की बात करने वाले हैं। तो देरी न करते हुए जानते हैं कि विशेषण किसे कहते हैं? (Visheshan Kise Kahate Hain) विशेषण की परिभाषा, भेद व उदाहरण के साथ

Visheshan Kise Kahate Hain
Visheshan Kise Kahate Hain

विशेषण की परिभाषा | विशेषण की परिभाषा

संज्ञा अथवा सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं। विशेषण एक ऐसा विकारी शब्द है जो हर हालत में संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है। 

• विशेषणों की विशेषता बताने को प्रविशेषण कहते हैं। 

• जातिवाचक संज्ञा की व्यापकता मर्यादित हो जाती है

जैसे. "लाल घोड़ा" कहने से घोड़े की विशेषता व्यक्त होने के अतिरिक्त उसी घोड़े का बोध होता है। जो "लाल" है।
संज्ञा के साथ "सा" नामक, संबंधी, रुपी आदि शब्दों को जोड़कर विशेषण बनाते हैं।

विशेषण के उदाहरण | Visheshan Ke Udaharan

• फूल सा शरीर
• अर्जुन नामक पुत्र
• ग्रह-संबंधी
• मोह रूपी अंधकार

संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया शब्दों और  सभी से विशेषण बनते हैं।
संज्ञा से विशेषण -:  पेटू, लोभी, पहाड़ी, क्रोधी, लोभी आदि।
सर्वनाम से विशेषण -: इतना, कितना, आपवाली आदि।
अव्यय से विशेषण :- बाहरी व्यक्ति, भीतरी बातें आदि।
क्रिया से विशेषण -: चलती गाड़ी, खाया मुंह, नृत्य करने वाली तरुणी, पढ़ता लड़का, दौड़ती लड़की आदि।
सर्वनाम की तरह विशेषण का भी प्रयोग होता है
जैसे - 
एक दूसरे से प्रेम रखो।
दुविधा में दोनों गए माया मिली ना राम।
यहां तो एक आता है, एक जाता है।
विशेष्य - जिसकी विशेषता बताई जाए लेकिन हमेशा विशेषता संज्ञा या सर्वनाम की बताई जाएगी।
विशेषक - जिससे विशेषता बताई जाए लेकिन विशेषण से विशेषता बताई जाएगी। 
प्रविशेषण - विशेषण की विशेषता बताने वाले को प्रविशेषण कहते हैं।

बहुत चालाक बालक।
बहुत - प्रविशेषण
चालाक - विशेषण 
बालक - संज्ञा

विशेषण के कितने भेद होते हैं | Visheshan Ke Kitne Bhed Hote Hain

व्यवहार की दृष्टि से विशेषण के चार भेद होते हैं।

1. गुणवाचक विशेषण
2. संख्यावाचक विशेषण
3. परिमाणवाचक विशेषण
4. सर्वनामिक विशेषण या संकेतवाचक विशेषण 

नोट -: हम व्यक्तिवाचक विशेषण को अलग से पढ़ लेंगे क्योंकि वह भी हमारे परीक्षा में बहुत पूछते हैं।

गुणवाचक विशेषण किसे कहते हैं | Gunvachak Visheshan Kise Kahate Hain

जिन विशेषणों से पदार्थ के गुण, रंग, आकार, दशा, अवस्था, रूप आदि का बोध होता है। तो उसे गुणवाचक विशेषण कहते हैं। इसके रूप निम्नलिखित हैं।

भाव - शूरवीर, कायर, बलवान, दयालु, निर्दयी, अच्छा, बूढ़ा आदि।
कॉल - अगला, पिछला, नया, पुराना आदि। 
स्थान - ग्रामीण, शहरी, मैदानी, पहाड़ी, पंजाबी, बिहारी गुजराती आदि। 
आकार - टेढ़ा-मेडा, सुंदर, भद्दा, लंबा, ऊंचा, नीचा, ठिकाना, चौड़ा इत्यादि। 

समय - प्रातःकाल, सायंकालीन, मासिक, त्रैमासिक, सप्ताहिक, दैनिक इत्यादि। 
दशा - स्वस्थ, अस्वस्थ, रोगी, दुबला, कमजोर, बलिष्ठ इत्यादि। 
रंग - लाल, हरा, पीला, नीला, काला, सफेद, बैंगनी, नारंगी इत्यादि।

गुणवाचक वाचक विशेषण के उदाहरण | Gunvachak Visheshan Ke Udaharan

• ईमानदार बालक       
• बेईमान व्यक्ति 
• काला हाथी।            
• सुंदर दृश्य
• मोटी पुस्तक            
• गरम पानी

नोट - कैसा, कैसी, कैसे लगाकर चेक करने पर यदि उत्तर मिल जाता है।, तो उसे गुणवाचक विशेषण कहते हैं। 
ईमानदार बालक।
प्रश्न - "कैसा" बालक    
उत्तर - ईमानदार बालक।

संख्यावाचक विशेषण किसे कहते हैं | Sankhya Vachak Visheshan Kise Kahate Hain

जिससे वस्तुओं (संज्ञा या सर्वनाम) की संख्या का बोध हो उसे संख्यावाचक विशेषण कहते हैं इसके 5 प्रकार होते हैं।

• गढ़ना बोधक।          
• क्रम बोधक 
• आवृत्ति बोधक          
• समुदाय बोधक 
• प्रत्येक बोधक
गणना बोधक : 
यह वस्तुओं की गणना बतलाता है। 
जैसे -  सात अमरुद, एक मेज, 10 आदमी, 3 बेड, आदि।

• कर्म बोधक : 
यह कर्म के अनुसार गणना का बोध करता है।
जैसे - पहला लड़का, छोटी लड़की, तृतीय श्रेणी इत्यादि।

• आवृत्ति बोधक : 
यह एक वस्तु का दूसरी वस्तु से अधिक होने का अनुपात बताता है।
जैसे - चौगुना धन, सगुना लोग, दुध से दोगुना पानी। 

• समुदाय बोधक : 
यह संख्या के समुदाय का बोध कराता है।
जैसे - तीनो लड़के, सातों घर, दोनों बहने, पांचों दोस्त, चारों भाई इत्यादि।

• प्रत्येक बोधक : 
यह अनेक वस्तुओं या व्यक्तियों में से हर एक का बोध कराता है।
जैसे - प्रत्येक व्यक्ति, हर एक नेता, एक-एक अपराधी इत्यादि। 

परिणाम वाचक विशेषण किसे कहते हैं? | Pariman Vachak Visheshan Kise Kahate Hain

जो शब्द किसी वस्तु के परिमाण (नाप-तौल) का बोध कराता है, उसे परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। 
परिमाणवाचक विशेषण के दो प्रकार होते हैं। 

• निश्चित परिमाणवाचक     
• अनिश्चित परिमाणवाचक

निश्चित परिमाणवाचक

जिन शब्दों से संज्ञा की निश्चित मात्रा का बोध होता है, उन्हें निश्चित परिमाणवाचक कहते हैं।
 जैसे - 
• 1 लीटर दूध
• 10 मीटर कपड़ा
• 1 किलो आलू 
• डलिया भर आम आदि।

अनिश्चित परिमाणवाचक

जिन विशेषण शब्दों से संज्ञा की अनिश्चित मात्रा का बोध होता है, उन्हें अनिश्चित परिमाणवाचक कहते हैं।
जैसे - 
• थोड़ा दुध 
• थोड़ा पानी
• कुछ शहद
• बहुत चाय
• अधिक पैसा
• कम पेट्रोल आदि।

सर्वनामिक विशेषण या संकेतवाचक किसे कहते हैं।

जो सर्वनाम शब्द संज्ञा के लिए विशेषण का काम करते हैं, उन्हें सर्वनामिक विशेषण कहते हैं।

यह, वह, जो, कौन, क्या, कोई, ऐसी, ऐसा, वैसे, वैसा इत्यादि।
ऐसे सर्वनाम है जो संज्ञा शब्दों से पहले प्रयुक्त होकर विशेषण का कार्य करते हैं, इसलिए इन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं जब ये सर्वनाम अकेले प्रयुक्त होते हैं तो सर्वनाम होते हैं।
 जैसे - 
• वह लड़का बदमाश है। 
• इस परीक्षार्थी ने नकल की है। 
• वह नेता विधायक है।        
• यह पुस्तक मोटी है।

*यह मेरी पुस्तक है। तो 'यह' सर्वनाम होगा।
नोट - अगर संज्ञा से पहले सर्वनाम लिख दिया जाए तो वह सार्वनामिक विशेषण होता है।

व्यक्तिवाचक विशेषण किसे कहते हैं

संज्ञा से विशेषण बनाने को व्यक्तिवाचक विशेषण कहते हैं। रूप – रचना की दृष्टि से विशेषण विकारी और अविकारी दोनों होते हैं, जिसमें से अविकारी विशेषणों के रूपों में परिवर्तन नहीं होता है। यह अपने मूल रूप में बने रहते हैं ये मूल विशेषण कहे जाते हैं।

जैसे – • सुंदर, पीला, गोरा, सुडौल, भारी, चंचल आदि।

संज्ञा में प्रत्यय लगाकर बनाने वाले विशेषण

 जैसे   

  • धर्म -           धार्मिक 
  • भारत -        भारती 
 • अमेरिका  -   अमेरिकी 
 • पंजाब -        पंजाबी
 • जयपुर -      जयपुरी 
 • राजस्थान -  राजस्थानी
प्रत्ययसंज्ञाविशेषण
इकधर्मधार्मिक
ईलाचमकचमकीला
इकमुखमौखिक
 गुणगुणी
इकअर्थआर्थिक
वानधनधनवान
ईयजाति जातीय

विशेषण की अवस्थाएं | विशेषण की तुलनात्मक अवस्था

विशेषण संज्ञा शब्दों की विशेषता बताते हैं। यह विशेषता किसी में सामान्य किसी में कुछ अधिक और किसी में सबसे अधिक होती है।
विशेषणों के इस उतार-चढ़ाव को तुलना कहा जाता है। इस प्रकार दो या दो से अधिक वस्तुओं या भावों के गुण, मान आदि, के मिलान या तुलना करने वाले विशेषण को तुलनात्मक विशेषण कहते हैं। 
हिंदी में तुलनात्मक विशेषण के तीन अवस्थाएं होती हैं।

• मूलावस्था     
• उत्तरावस्था    
• उत्तम अवस्था

मूलावस्था

इसमें अन्य संज्ञा, सर्वनाम से कोई तुलना नहीं की जाती है। विशेषण शब्द मूल रूप में होता है। 

जैसे - अच्छा, बुरा, बहादुर, कायर आदि। 
• राम होशियार है।        
• मोहन चालाक है।

उत्तरावस्था

इसमें दो संज्ञा या सर्वनाम में तुलना होती है, और एक की अधिकता यह न्युनता दिखाई जाती है। 

जैसे - राहुल, श्याम से अधिक बुद्धिमान है। 
इस वाक्य में राहुल की बुद्धिमता श्याम से अधिक बताई गई है। अतः यहां तुलनात्मक उत्तरावस्था है।

उत्तमावस्था

इसमें 2 से अधिक वस्तुओं, भावों की तुलना करके एक को सबसे अधिक या न्यून बताया जाता है।

जैसे - अमित कक्षा में सबसे अधिक बुद्धिमान है।
इस वाक्य में अमित को कक्षा में सबसे अधिक बुद्धिमान बताया गया है अतः यहां तुलनात्मक की उत्तमावस्था है।
मूलावस्थाउत्तरावस्थाउत्तमावस्था
मूल रूप मेंसे ___ + तरसबसे ___+ तम
निम्ननिम्नतर/से निम्ननिम्नतम
लघुलघुत्तरलघुत्तम
अच्छासे अच्छासबसे अच्छा
श्रेष्ठश्रेष्ठतरश्रेष्ठतम
अधिकअधिकतरअधिकतम
कोमलकोमलतरकोमलतम
सुंदरसुंदरतरसुंदरतम

उद्देश्य विशेषण विधेय विशेषण

वाक्य = कर्ता + कर्म + क्रिया

उद्देश्य : वाक्य में प्रयुक्त कर्ता को उद्देश्य कहते हैं।
विधेय : उद्देश्य के संबंध में कहा गया कथन विधेय कहलाता है।

जैसे :  बालक पुस्तक पढ़ता है।
बालक : उद्देश्य (कर्ता)
पुस्तक : विधेय (कर्म)

बुद्धिमान बालक पुस्तक पढ़ता है।

बालक : उद्देश्य (कर्ता)
पुस्तक : विधेय (कर्म)
बुद्धिमान : उद्देश्य विशेषण (उद्देश्य की विशेषता बता रहा है)

जैसे : मोहन होशियार है। (विधेय विशेषण है।)

निष्कर्ष

छात्रों में उम्मीद करता हूं की आपको आज की यह पोस्ट विशेषण आपको पसंद आई होगी मैं इस पोस्ट में विशेषण के उदाहरण (Visheshan Ke Udaharan) के माध्यम से समझने की कोशिश की है जिससे आपको आसानी से समझ में आ जाए।

यदि आपको विशेषण (Visheshan) कि इस पोस्ट में किसी प्रकार की कोई शिकायत है। या आपको विशेषण से संबंधित कोई सुझाव देना है तो आप हमें कमेंट सेक्शन या फिर ईमेल के माध्यम से सूचित कर सकते हैं मैं इस त्रुटि को जल्द से जल्द सुधारने का प्रयास करूंगा। आपके बहुमूल्य विचारों का इंतजार रहेगा। आपको विशेषण (Visheshan) कि यह पोस्ट अच्छी लगी है तो आप अपने मित्रों व परिवार के साथ इस व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर पर शेयर कर सकते हैं। धन्यवाद!

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