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विद्यालय का पर्यायवाची शब्द | Vidyalay Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

विद्यालय का पर्यायवाची शब्द | Vidyalay Ka Paryayvachi Shabd : पाठशाला, स्कूल, विद्यामंदिर, मदरसा, शिक्षणसंस्थान, शिक्षालय, विद्यापीठ आदि, आज की नई पोस्ट विद्यालय का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की विद्यालय का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही व से पर्यायवाची शब्द हिंदी में |  ( Vidyalay Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

vidyalay ka paryayvachi Shabd kya hota hai
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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

विद्यालय का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

विद्यालय का पर्यायवाची शब्दVidyalay Ka Paryayvachi Shabd
पाठशाला, स्कूल, विद्यामंदिर, मदरसा, शिक्षणसंस्थान, शिक्षालय, विद्यापीठPathshala, school, Vidyamandir, madrasa, shikshansansthan, shikshalaya, Vidyapeeth

 से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

विद्यालय से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Vidyalay Ka Paryayvachi Shabd

विद्यालय- विद्यालय का स्थान है। जहां पर शिक्षा प्रदान की जाती है। विद्यालय क एक ऐसा स्थान है। जहां पर हम बच्चों को भौतिक, मानसिक, शारीरिक तथा नैतिक गुणों का विकास होता है। 

विद्यालय शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। विद्या और आलय जिसका अर्थ विद्या का घर होता है। अर्थात वह स्थान जहां पर हम विद्या ग्रहण करते हैं। जीवन में सफल बनने के लिए शिक्षा प्राप्त करना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। शिक्षक हमें विद्यालय में छोटी से छोटी बातों का ध्यान कराते हैं। और साथ ही सबका आदर, सम्मान, सही रास्ते का मार्गदर्शन कराते हैं। विद्यालय में अनुशासन के मार्ग पर चलना सिखाया जाता है। अगर विद्यालय ना होता तो शिक्षा ना होती शिक्षा ना होती तो मनुष्य अशिक्षित पशु के समान रहता। विद्यालय में तरह-तरह की पुस्तकों का ज्ञान कराया जाता है। साथी संगीत कला नृत्य का भी ज्ञान दिया जाता है। विद्यालय विद्यार्थी के जीवन में बहुत ही महत्व रखता है। विद्यालय में हम कई सारे दोस्त बनाते हैं। विद्यालय के दिन एक विद्यार्थी के लिए बहुत ही यादगार होते हैं।

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