वर्ण किसे कहते हैं परिभाषा, भेद व उदाहरण | Varn Kise Kahate Hain

नमस्ते दोस्तों मैं आप सभी लोगों का स्वागत करता हूं मैं Studyroot.in की तरफ से आज हम आपको वर्ण किसे कहते हैं (Varn Kise Kahate Hain) के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर आएंगे हम पहले देखेंगे कि Varn ke ke kitne bhed hote Hain और हम वर्ण के सभी भेदों को पढ़ने के साथ Varn kise kahate Hain in Hindi Grammar यह पोस्ट क्लास 10 व 12 के छात्रों के लिए यह कहें 1 से लेकर 12 के सभी छात्रों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने इस को इस प्रकार लिखा है कि आप वर्ण के बारे में अधिकतम जानकारी प्राप्त कर सकें जिससे आपको दूसरी कोई पोस्ट पढ़ने की कोई जरूरत ना पढ़े।

varn kise kahate hain
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वर्ण की परिभाषा | Varn Ki Paribhasha

भाषा की सबसे छोटी मौखिक इकाई ध्वनि के लिखित रूप को वर्ण कहते हैं

 वर्ण को व्याकरण का सबसे छोटा अंग कहा जाता है

  • भाषा की सबसे छोटी मौखिक इकाई ध्वनि होती है। 
  • भाषा की सबसे छोटी लिखित इकाई वर्ण होती है। 
  • भाषा की सबसे छोटी इकाई वर्ण है।
  • अर्थ के आधार पर सबसे छोटी इकाई शब्द है।

वर्णों की संख्या | Varn Kitne Hote Hain

 

स्वर : 11
व्यंजन : 33
मूल वर्ण : 44
अयोगवाह  : 2
संयुक्ताक्षर : 4
ताड़नजात : 2
हिंदी में कुल वर्ण: 52
विदेशी वर्ण : 4
मानक संख्या  वर्ण : 56

वर्ण कितने प्रकार के होते हैं | Varn Kitne Prakar Ke Hote Hain

वर्ण : वर्ण का दूसरा नाम अक्षर है वर्णों के व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते हैं हिंदी भाषा की वर्णमाला में 52 वर्ण हैं

 हिंदी की लिपि का नाम देवनागरी लिपि है

 वर्ण के दो प्रकार होते हैं 

  1. स्वर
  2. व्यंजन

स्वर वर्ण | Swar Varn

स्वर :- वह वर्ण जिनके उच्चारण के लिए किसी दूसरे वर्ग की सहायता की आवश्यकता नहीं होती है तो उसे स्वर कहते हैं हिंदी वर्णमाला में स्वरों की कुल संख्या 11 होती है

अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ 

  • अयोगवाह धनिया :-  अं, अः
  • अनुस्वार:- अं
  • विसर्ग :- अः

स्वर वर्ण कितने होते हैं | Swar Varn Kitne Prakar Ke Hote Hain

स्वरों के प्रकार :- स्वर के निम्न रूप से तीन प्रकार होते हैं 

  1. हास्य  
  2. दीर्घ 
  3. प्लुत

मूल स्वर

मूल स्वर :- वे स्वर जिनके उच्चारण में सभी स्वरो से कम समय लगता है तथा अन्य किसी स्वर वर्ण की सहायता की आवश्यकता नहीं होती है, तभी इन्हें हम मूल स्वर कहते हैं मूल स्वरो की संख्या चार होती है। जो इस प्रकार से हैं

मूल स्वर :- अ, इ, उ, ऋ

संधि स्वर

संधि स्वर :- वे स्वर जिनके उच्चारण के लिए मूल स्वर या ह्स्व स्वर की आवश्यकता होती है उसे संधि स्वर कहते हैं संधि स्वर दो प्रकार के होते हैं 

  1. दीर्घ स्वर 
  2. संयुक्त स्वर

दीर्घ स्वर

दीर्घ स्वर : वे स्वर जो एक ही स्थान से बोले जाते हैं उनके मेल से जिस स्वर का निर्माण होता है उसे हम दीर्घ स्वर कहते हैं

अ + अ = आ

इ + इ = ई

उ + उ = ऊ

सामान जाति के 2 मूल शब्द के मिलने से एक दीर्घ स्वर का निर्माण होता है

संयुक्त स्वर

संयुक्त स्वर :- वह स्वर जो अपने से भिन्न किसी अन्य स्वर के  मेल से बने स्वरों को  संयुक्त स्वर कहते हैं

अ+ इ = ए

अ + ए = ऐ

अ + उ   = ओ

अ  + ओ  = औ

प्लुत स्वर

प्लुत स्वर :- वे स्वर जिनको बोलने या जिनके उच्चारण में लगने वाला समय दीर्घ स्वर और सन्धि स्वर से अधिक लगता है उसे हम प्लुत स्वर कहते हैं – राम

व्यंजन वर्ण किसे कहते हैं | Vyanjan Varn

व्यंजन वर्ण :- वे वर्ण जिनके के उच्चारण के लिए स्वरों की आवश्यकता होती है वे वर्ण  व्यंजन वर्ण कहलाते हैं व्यंजन वर्णों को बिना स्वर की सहायता से नहीं बोला जा सकता है व्यंजन वर्णों की कुल संख्या 33 होती है

वर्ण के कितने भेद होते हैं | Varn Ke Kitne Bhed Hote Hain

अनुस्वार

अनुस्वार :- अनुस्वार को केवल स्वरों के साथ प्रयोग किया जाता है स्वर रहित व्यंजन के साथ नहीं प्रयोग किया जाता है

कंठ = कं+ठ=क्+अं+ठ=कंठ

पंचमाक्षर बिंदु

पंचमाक्षर बिंदु :- इसे केवल हिंदी में एक वर्ण पर प्रयोग किया जाता है, वह वर्ण ङ है

क वर्ग का पांचवा वर्ण पंचमाक्षर होता है

द्विगुण व्यंजन

द्विगुण व्यंजन :- द्विगुण व्यंजन का केवल प्रयोग ट वर्ग के  3,4 वर्ण पर किया जाता है द्विगुण व्यंजन सिर्फ दो होते हैं   – , पर ताड़जात चिन्ह लगाकर प्रयोग किया जाता है

ड ढ = ड़ ढ़

नुक्ता

नुक्ता :- राजा शिवप्रसाद सितारे हिंद ने नुक्ता वर्ण अरबी, फारसी भाषा से आया है हिंदी में इनको सिर्फ पांच वर्णों पर प्रयोग किया जाता है

क, ख, ग, ज, फ – हिंदी के वर्ण

क़, ख़, ग़, ज़,  फ़ (अरबी, फारसी के वर्ण)

अमानक वर्ण

अमानक वर्ण :- हिंदी के च वर्ण के चौथे वर्ण यानी ‘झ’ के प्राचीन रूप को अमानक वर्ण कहते हैं

हिंदी के अन्य वर्ण

अयोगवाह : अयोगवाह वर्ण दो प्रकार के होते हैं 

  • अनुस्वार = अं
  • विसर्ग = अः

संयुक्ताक्षर

संयुक्ताक्षर : वे वर्ण जिसमें कम से कम दो व्यंजन एक स्वर होता है तो उसे संयुक्ताक्षर कहते हैं संयुक्ताक्षर की संख्या चार होती है

क्ष = क् + ष् + अ   (क् + ष)

त्र = त् + र् + अ     (त् + र)

ज्ञ = ज + ञ् + अ    (ज + ञ)

श्र = श् + र् + अ    (श् + र)

  • विकसित स्वर / अनुनासिक या चंद्रबिंदु

विकसित स्वर, अनुनासिक या चंद्रबिंदु ये सब नाम एक ही वर्ण के है वह यह है = आँ

  • विदेशी स्वर / आगत स्वर / मेहमान या चंद्रबिंदु

विदेशी स्वर्ण, आगत स्वर, मेहमान या चंद्रबिंदु यह सब नाम एक ही वर्ण के हैं =

 

निष्कर्ष

दोस्तों आज की पोस्ट Varn kise kahate Hain मैं उम्मीद करता हूं कि यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी मैंने Varn in Hindi को सरलता के साथ समझाने की पूर्ण कोशिश की है। अगर कोई जानकारी Varn kise kahate Hain और Karak ke kitne bhed hote Hain in Hindi या अन्य किसी प्रकार की पोस्ट में हमसे कुछ छूट गया। हो तो आप नीचे कमेंट कर हमें सूचित कर सकते हैं। और हम आपके लिए आगे किस विषय पर जानकारी दें यह भी सुझाव जरूर बताएं आप आपके कमेंट का इंतजार रहेगा।

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