सार्वनामिक विशेषण की परिभाषा, उदाहरण व भेद | Sarvanamik Visheshan

स्वागत है दोस्तों आज की नई पोस्ट सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan) में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की सार्वनामिक विशेषण किसे कहते हैं (Sarvanamik Visheshan Kise Kahate Hain) तथा सा ही सार्वनामिक विशेषण के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

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Sarvanamik Visheshan

विशेषण से संज्ञा का गुण अथवा विशेषता प्रकट होता है और उसके प्रयोग से जातिवाचक संज्ञा की व्यापकता मर्यादित हो जाती है।

जैसे – “बड़ा हाथी” कहने से हाथी की विशेषता व्यक्त होने के अतिरिक्त उसी हाथी का बोध होता है। जो बड़ा है।

संज्ञा के साथ सा, नामक, सम्बन्धी, रूपी आदि शब्दों को जोड़कर विशेषण का निर्माण करते हैं।

उदाहरण – चरण रूपी कमल, विद्या रूपी धन

सार्वनामिक विशेषण की परिभाषा | Sarvanamik Visheshan Ki Paribhasha

जो सर्वनाम शब्द संज्ञा के लिए विशेषण का काम करते हैं उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

जैसे – यह, वह, क्या, कौन, वैसा, वैसी, जो, कोई, ऐसा, ऐसी इत्यादि।

ऐसे सर्वनाम है, जो संज्ञा शब्द से पहले प्रयुक्त होकर विशेषण का कार्य करते हैं। इसीलिए इन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। जब ये सर्वनाम अकेले प्रयुक्त होते हैं तो सर्वनाम होते हैं।

जैसे – 

  • वह नेता विधायक हैं।
  • इस विद्यार्थी ने नकल की है।
  • वह लड़का बदमाश है।

नोट – अगर संज्ञा से पहले सर्वनाम लिख दिया जाए तो वह सार्वनामिक विशेषण या संकेतवाचक विशेषण होता है।

  • यह पुस्तक मेरी है।

अगर हम इस उदाहरण को लिखें यह “मेरी पुस्तक है” तो यह सर्वनाम होगा।

  • यह पुस्तक मेरी है। (विशेषण)
  • यह मेरी पुस्तक है। (सर्वनाम)

सार्वनामिक विशेषण के उदाहरण | Sarvanamik Visheshan Ke Udaharan

वह लड़का, वह पुस्तक, वह आदमी, वह लड़की, मेरी पुस्तक, कोई बालक, किसी का महल

  • वह दूध पीकर स्कूल गया।
  • तुम मुस्कुरा दिए।
  • वह दिल्ली गया है।
  • वह घोड़े पर सवार था।
  • वह कुर्सी पर बैठा हुआ था।
  • वह बालक जन्म से बुद्धिमान है।
  • वह नगर का सर्वोत्तम खिलाड़ी है।
  • वह शेर को देखकर डर गया था।
  • मेरा भाई मुंबई पहुंच गया।
  • क्या दिल्ली में मलेरिया का प्रकोप है।
  • यह पुस्तक विद्वतापूर्ण रूप में लिखी गई है।
  • वह गोवा अवश्य आएगा।
  • मेरा रोम रोम खिल उठा
  • वह अपना कार्य समाप्त कर चुका है।
  • मुझे पुस्तकों को पढ़ना पसंद है।

सार्वनामिक विशेषण के भेद | Sarvanamik Visheshan Ke Bhed

सर्वनामिक विशेषण के निम्नलिखित दो भेद होते हैं जो इस प्रकार से हैं।

  1. मौलिक सर्वनामिक विशेषण
  2. यौगिक सर्वनामिक विशेषण

मौलिक सार्वनामिक विशेषण

मौलिक सार्वनामिक विशेषण के निम्नलिखित चार प्रकार होते हैं।

यदि संज्ञा से पहले यह, वह, इसका, उसका, कौन, कैसे, क्या, मेरा, तुम्हारा, किसे, कैसा, कहां, कोई किसी, कुछ, उस, इस इत्यादि शब्द होते हैं। तो वह मौलिक सार्वनामिक विशेषण कहलाता है।

मौलिक सर्वनामिक विशेषण के चार उपभेद होते हैं। जो इस प्रकार से हैं।

  1. संकेतवाचक सार्वनामिक विशेषण
  2. अनिश्चित वाचक सार्वनामिक विशेषण
  3. प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण
  4. सम्बन्धवाचक सार्वनामिक विशेषण

संकेतवाचक सार्वनामिक विशेषण

जिस वाक्य या उदाहरण में यह, वह, उस, इस आदि सार्वनामिक शब्द संज्ञा की विशेषता बताते हैं, तब वहां पर संकेतवाचक सार्वनामिक विशेषण होता है।

उदाहरण

  • इस व्यक्ति की आयु चालीस वर्ष है।
  • यह गाड़ी उस समय की है जब मैं दस वर्ष का था।
  • वह घर मेरा है।
  • उस  कुर्सी को लाकर यहां रख दो।

 

अनिश्चित वाचक सार्वनामिक विशेषण

जिस वाक्य में कुछ, कोई आदि सार्वनामिक शब्द संज्ञा की विशेषता बताते हैं। तो वहां पर अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण होता है।

उदाहरण

  • मुझे कुछ पुस्तक खरीदनी है।
  • घर में कुछ चोर घुस गए हैं।
  • कोई आदमी रात को चिल्ला रहा था।
  • कोई लड़का कोचिंग नहीं आया है।

 

प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण

जिस वाक्य में क्या, कैसे, किसे, कौन आदि शब्द संज्ञा की विशेषता बताते हैं वहां पर प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण होता है।

उदाहरण

  • कौन सा लड़का पढ़ने में कमजोर है?
  • क्या चीज लाए हो?
  • कौन सी पुस्तक कभी नहीं पड़ी है?
  • कौन सा फल सबसे ज्यादा पसंद है?
  • कौन सा लड़का बुद्धिमान है?

 

सम्बन्धवाचक सार्वनामिक विशेषण

जिस वाक्य में मेरा, मेरी, हमारा, हमारी, तेरा, तेरी, उसका, उनका, इनका, जिसका आदि शब्द संज्ञा शब्दों की विशेषता बताते हैं वहां पर सम्बन्धवाचक सार्वनामिक विशेषण होता है।

उदाहरण

  • मेरी बहन कहीं गई है।
  • तुम्हारी किताब मेरे पास है।
  • मेरा मित्र मेरे साथ में रहता है।
  • हमारे पिता कल दिल्ली गए थे।
  • मेरा भाई उसका अच्छा दोस्त है।
  • उनकी शर्ट हमारे पास है।

 

यौगिक सार्वनामिक विशेषण

जिस वाक्य में ऐसा, जैसा, कैसा, उतना आदि शब्द जो सर्वनाम में प्रत्यय के द्वारा बनते हैं वह शब्द जब संज्ञा की विशेषता बताते हैं। तो वह यौगिक सार्वनामिक विशेषण कहलाते है।

उदाहरण

  • ऐसा व्यक्ति, जैसा देश, उतना काम, 
  • कैसा मकान, ऐसी बात
  • ऐसा व्यक्ति जो हाथों से चलता है।
  • जैसा देश वैसा भेष।
  • कैसा मकान जिसमें एक ईंट नहीं है।
  • ऐसी बात जो हमें नहीं पता।
  • जितना काम वह करता है। उतना काम मेरे बस का नहीं।

सार्वनामिक विशेषण तथा सर्वनाम में अंतर | Sarvanam Aur Sarvanamik Visheshan Mein Antar

सर्वनाम शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त किए जाते हैं।

बल्कि सार्वनामिक विशेषण में जो शब्द संज्ञा के लिए विशेषण का कार्य करते हैं। उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

उदाहरण

  • यह मेरी पुस्तक है। (सर्वनाम)
  • यह पुस्तक मेरी है। (विशेषण)

 

विशेषण के कुछ अन्य उदाहरण

 

  • वह बालक जन्म से बुद्धिमान है।

ऊपर दिए गए उदाहरण से वह (सर्वनाम शब्द) संज्ञा बालक से पहले प्रयोग किया गया है इसलिए इस उदाहरण को सार्वनामिक विशेषण के अंतर्गत रखा गया है क्योंकि संज्ञा से पहले सर्वनाम का प्रयोग किया गया है।

 

  • मेरा भाई मुंबई पहुंच गया है।

ऊपर दिए गए उदाहरण में मेरा सर्वनाम शब्द, भाई संज्ञा शब्द से पहले प्रयुक्त किया गया है। इसी कारण इस वाक्य को भी सार्वनामिक विशेषण के अंतर्गत रखा जाएगा।

 

  • वह घर मेरा है।

ऊपर दिए गए उदाहरण में वह सर्वनाम शब्द, घर संज्ञा शब्द से पहले प्रयोग किया गया है। इसी कारण इस वाक्य में सार्वनामिक विशेषण है, क्योंकि संज्ञा से पहले सर्वनाम को प्रयोग किया गया है।

 

  • कोई आदमी है रात को चिल्ला रहा था।

ऊपर दिए गए उदाहरण में कोई सर्वनाम शब्द, आदमी संज्ञा शब्द से पहले प्रयोग किया गया है। इसी कारण इस वाक्य में सार्वनामिक विशेषण है क्योंकि संज्ञा से पूर्व सर्वनाम का प्रयोग हुआ है।

 

  • मेरा भाई आपका अच्छा दोस्त है।

ऊपर दिए गए उदाहरण में मेरा सर्वनाम शब्द, भाई संज्ञा शब्द से पूर्व में आया है। इसी कारण इस वाक्य को भी सार्वनामिक विशेषण में प्रयोग किया गया है क्योंकि यदि संज्ञा से पहले सर्वनाम का प्रयोग प्रयोग होता है तो वह सार्वनामिक विशेषण होता है।

 

सर्वनामिक विशेषण को और किस नाम से जाना जाता है?

सर्वनामिक विशेषण को संकेतवाचक विशेषण भी कहते हैं।

निष्कर्ष

छात्रों मैं उम्मीद करता हूं कि आपको आज की यह पोस्ट सार्वनामिक विशेषण किसे कहते हैं (Sarvanamik Visheshan Kise Kehte Hain) आपको पसंद आई होगी मैं इस पोस्ट को सार्वनामिक विशेषण को कुछ उदाहरण (Sarvanamik Visheshan Ke Udaharan) के माध्यम से समझने की संपूर्ण कोशिश की है जिससे आपको सार्वनामिक विशेषण आसानी से समझ में आ जाए।

यदि आपको सार्वनामिक विशेषण या इस पोस्ट से किसी प्रकार का कोई शिकायत है या आपको सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan) से संबंधित कोई सुझाव देना है तो आप हमें कमेंट सेक्शन या फिर ईमेल के माध्यम से सूचित कर सकते हैं मैं आपके इस सवाल का जवाब जल्द से जल्द देने का प्रयास करूंगा आपके बहुमूल्य विचारों का इंतजार रहेगा।

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