पुत्री का पर्यायवाची शब्द | Putri Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

पुत्री का पर्यायवाची शब्द | Putri Ka Paryayvachi Shabd : सुता, बेटी, तनय, जहिता, आत्मजा, लड़की, नंदिनी, कन्या, तनुजा, दुहिता, बच्ची आदि, आज की नई पोस्ट पुत्री का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की पुत्री का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही प से पर्यायवाची शब्द हिंदी में |  ( Putri Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

putri ka paryayvachi Shabd kya hota hai
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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

पुत्री का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

पुत्री का पर्यायवाची शब्दPutri Ka Paryayvachi Shabd
सुता, बेटी, तनय, जहिता, आत्मजा, लड़की, नंदिनी, कन्या, तनुजा, दुहिता, बच्चीSuta, Beti, tanay, juhita, atmaja, ladki, Nandini, Kanya, Tanuja, duhita, bacchi

 से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • पुत्री – बेटी, लड़की, सुता, तनय, आत्मजा, दुहिता 
  • पिक – कलकण्ठ, कोयल, कोकिला, वसन्तदूती, श्यामा

पीछे – बाद में, पश्चात्, उपरान्त, अनन्तर, फिर, 

  • पीड़ा – दर्द, तकलीफ, वेदना, यातना, व्यथा, यंत्रणा, 
  • पुंज – समूह, अम्बार, ढेर, जमाव, राशि
  • पुरातन – पुराना, प्राचीन, भूतकालीन, पूर्वकालीन, प्राक्कालीन, प्राक्त
  • पुश्कल – बहुत, अधिक, इफरात, ढेर-सा, प्रचुर, विपुल, अतिशय, अत्यन्त 
  • पुष्टि – समर्थन, हिमायत, अनुमोदन
  • पूजा – अर्चना, वन्दना, इबादत, आराधना, उपासना, पूज्य- पूजनीय, अर्चनीय, वंदनीय, आराध्य, उपास्य, वंद्य 
  • पूर्ण – पूरा, सारा, कुल, सम्पूर्ण, सकल, समूचा, समग्र
  • प्रख्यात – नामी, प्रसिद्ध, मशहूर, विख्यात, प्रतिष्ठित, यशस्वी, विश्रुत, नामवर, लब्ध-प्रतिष्ठ, 
  • प्रगति – तरक्की,उन्नति, विकास, बढ़ती, श्रीवृद्धि
  • प्राणी – जीव, जीवधारी, सजीव, प्राणधारी, जानदार, 
  • प्रपात – झरना, स्रोत, निर्झर, उत्स 
  • प्रभा – प्रकाश, चमक, दीप्ति, विभा, धुति, 
  • प्रार्थना – विनती, निवेदन, आराधना, याचना, विनय, अर्ज 
  • प्रिय – दुलारा, प्यारा, प्रियतम, वत्सल, वल्लम, 
  • प्रिया – प्यारी, प्रेमिका, प्रियतमा, दिलरुबा, सजनी, प्रिये, प्रेयसी, वल्लभा, 
  • प्रेम – प्यार मोहब्बत, दुलार, प्रणय, स्नेह, लाङ-प्यार, अनुराग, ममता, रति, प्रीति, 
  • प्रोत्साहन – हौसला, बढ़ावा, उत्साहवर्धन, 
  • प्रौढ – बुजुर्ग, पक्की उम्र का, प्रबुद्ध, अधेड
  • पोत – जलयान, जहाज
  • प्रगल्भ – घमण्डी, अहंकारी, अभिमानी, गर्वीला, दभी 
  • प्रचण्ड – भयंकर, खौफनाक, भीषण, भयानक, उर्म
  • प्रचुरता – इफरात, बहुलता, आधिक्य, बहुतायत, प्रभूतता
  • प्रजा – जनता, जन, लोक, रैयत, रिआया, 
  • प्रजातन्त्र – लोकतन्त्र, जनगण, जनतन्त्र, 
  • प्रज्ञा- बुद्धि, समझ, ज्ञान, प्रतिभा, मेघा
  • पशु – जन्तु, जानवर, मवेशी, चौपाया, चतुष्पाद
  • पश्चाताप – पछतावा, अफसोस, ग्लानि, अनुताप, संताप
  • पसीना – श्रमकण, प्रस्वेद, श्रमसीकर, 
  • पाण्डुलिपि – पाण्डुलेख, हस्तलिपि, मसौदा
  • पाखण्ड – ढोंग, ढकोसला, प्रपंच, आडम्बर स्वाग, 
  • पागल – बावला, दीवाना, उन्मत्त, विक्षिप्त
  • पाणि – हाथ, हस्त, कर
  • पाप – गुनाह, अध, पातक, अपकर्म, कलुष 
  • पान – ताम्बुल, नागिनी पत्र, पर्णलता, नागरबेल, नागबल्ली, सप्तशिला, 
  • पाला – नीहार, तुषार, प्रालेय, हिम 
  • पार्वती – दुर्गा, भवानी, सती, गौरी, चण्डी, ईश्वरी, शिवा, गिरिजा, उमा, गिरिराज कुमारी, अम्बिका, शैलसुता, रुद्रानी, आर्या, अभया, सर्वमंगला, मैनसुता, हेमवती, मृडानी, अर्पणा
  • परिभव – अपमान, अनादर, तिरस्कार, उपेक्षा, अवहेलना, अवमान
  • परिमण्डल – घेरा, चक्कर, वृत्त, परिधि
  • परिवाद – बुराई, बदनामी, निन्दा, अपयश, अपवाद, अपकीर्सि 
  • परिवार – खानदान, घराना, कुल, कुटुम्ब, कुनबा 
  • परिष्कार – संस्कार, शुद्धि, सफाई, संशोधन, परिमार्जन 
  • परिष्कृत – साफ, शुद्ध, स्वच्छ, प्राजल, परिमार्जित
  • परुष – कठोर, निर्दय, कड़ा, निष्ठुर, कर्कश 
  • परेशान – आकुल, उद्विग्न, झुब्ध, बेजार
  • परोक्ष – ओझल, अगोचर, अप्रत्यक्ष, गुप्त, तिरोहित 
  • पल – लमहा, क्षण, सेकण्ड, अंश, दम, निमेष, 
  • पर्याप्त – काफी, बहुत, प्रचुर, यथेष्ट 
  • पल्लव – पत्ती, पर्ण, किसलय, पात, कॉपल
  • पल्ला – दामन, आँचल, छोर
  • पवित्र – शुद्ध, स्वच्छ, साफ, पावन, विशुद्ध, पुनीत, पाक, शुचि
  • पंकिल – गन्दा, मैला, मलिन, गन्दला, मलीन
  • पंथ – रास्ता, मार्ग, राह, डगर, पथ, 
  • पंथ – सम्प्रदाय, धर्म, मत
  • पकड़ना – गिरफ्तार करना, कैद करना, बंदी बनाना
  • पछतावा – पश्चाताप, प्रायश्चित, अनुताप, ग्लानि, संताप 
  • पटरानी – महारानी, बडी रानी, प्रमुख रानी, राजमहिषी, 
  • पटु – होशियार, निपुण, कुशल, प्रवीण, पारंगत, निष्णात, दक्ष
  • पड़ोसी – हमसाया, प्रतिवेशी, प्रतिवासी
  • पढ़ाई – अध्ययन, पठन-पाठन, विद्याभ्यास
  • पताका – झण्डा, ध्वज, ध्वजा, निशान, फरहरा, केतु
  • पत्तन – शहर, नगर, नगरी, पुर, पुरी 
  • पत्ता – पत्र, पात, पर्ण,  दल, पल्लव, छदन
  • परख – पहचान, जाँच-पड़ताल, जाँच, छानबीन, परीक्षण
  • परतन्त्र – गुलाम, अधीन, पराधीन, परवश, पराश्रित, 
  • परछाई – साया, प्रतिबिम्ब, छाया, प्रतिच्छाया, झाई
  • पर्दा – छिपाव, आड, ओट, यावनिका, आवरण, नेपथ्य
  • परमार्थ – भलाई, परोपकार, उपकार
  • पराक्रम – ताकत, शक्ति, बल, पौरुष, पुरुषार्थ, 
  • पराजित – हारा हुआ, परास्त, विजित, पराभूत
  • पराया – गैर, बेगाना, दूसरा, और
  • परिक्रमा – परिभ्रमण, चक्कर, फेरा, प्रदक्षिणा, 
  • परिचय – पहचान, जानकारी, मुलाकात, अभिज्ञान, वाकफियत
  • परिचर्या – देख-भाल, चाकरी, सेवा, टहल, शुश्रूषा, खिदमत, 
  • परिणय – शादी, ब्याह, विवाह, पाणिग्रहण
  • परिणाम – अंजाम, नतीजा, फल, निष्कर्ष, निष्पतित 
  • परिताप – दर्द, दुःख, पीडा, क्लेश, व्यथा
  • परिपाटी – रीति, रिवाज, प्रथा, परम्परा, चलन, प्रचलन, दस्तूर, तरीका, ढंग, प्रणाली, पद्धति, रूढि

पुत्री से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Putri Ka Paryayvachi Shabd

पुत्री- श्री लक्ष्मी का रुप होती है। पुत्र और पुत्री को समान रूप से देखा चाहिए और समान दर्जा देना चाहिए।

आजकल इस समाज में बेटी को गर्भ में ही मार दिया जाता है और पुत्र पैदा होने पर गांव भर में मिठाइयां मिठाई जाती हैं। बहू सबको चाहिए अपनी बेटी किसी को नहीं ऐसा होता है समाज। जब तक हम पुत्र और पुत्री के भेदभाव को समाप्त नहीं कर देते हैं। तब तक इस देश का विकास संभव नहीं है।

इससे ज्यादा प्यार उसके पिता से ही मिलता है क्योंकि मां को पुत्र प्रिय होता है और पिता को पुत्री क्योंकि पिता की सबसे बड़ी दौलत बेटी होती है। लोग कहते हैं कि बेटी की विदाई में मां रोती है। पिता रोता तो नहीं है पर अंदर ही अंदर से टूट जाता है। एक बाप बेटी की पढ़ाई में बहुत पैसा लगाता है। लोग कहते हैं बाहर मत भेजो बेटी को पढ़ने के लिए गलत संगत में पड़ जाएंगे। यह सब बाप से कहा जाता है पर बेटी बाप का विश्वास होती हैं बाप की शान होती हैं बेटियां बाप की दौलत होती हैं। पिता बेटी की हर एक इच्छा पूरी करता है। क्योंकि एक पिता अपनी बेटी से बहुत प्यार करता है।

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