पहाड़ का पर्यायवाची शब्द | Pahad Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

पहाड़ का पर्यायवाची शब्द | Pahad Ka Paryayvachi Shabd : कूट, पहाड़ी, नग, भूमिधर, तुंग, मेरू, महीधर, अद्री, श्रृंगी, गिरि, पर्वत, शिखर, अचल, धरणीधर, शैल, भूधर आदि, आज की नई पोस्ट पहाड़ का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की पहाड़ का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही प से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | ( Pahad Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

pahad ka paryayvachi Shabd kya hota hai
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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

पहाड़ का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

पहाड़ का पर्यायवाची शब्दPahad Ka Paryayvachi Shabd
कूट, पहाड़ी, नग, भूमिधर, तुंग, मेरू, महीधर, अद्री, श्रृंगी, गिरि, पर्वत, शिखर, अचल, धरणीधर, शैल, भूधरKut, Pahadi, Nag, Bhumidhar, Tung, Meru, Mahidhar, Adry, Shringi, Giri, Parvat, Shikhar, Achal, Dharanidhar, Sail, Budhar

 से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • प्राणी – जीव, जीवधारी, सजीव, प्राणधारी, जानदार, 
  • प्रपात – झरना, स्रोत, निर्झर, उत्स 
  • प्रभा – प्रकाश, चमक, दीप्ति, विभा, धुति, 
  • प्रार्थना – विनती, निवेदन, आराधना, याचना, विनय, अर्ज 
  • प्रिय – दुलारा, प्यारा, प्रियतम, वत्सल, वल्लम, 
  • प्रिया – प्यारी, प्रेमिका, प्रियतमा, दिलरुबा, सजनी, प्रिये, प्रेयसी, वल्लभा, 
  • प्रेम – प्यार मोहब्बत, दुलार, प्रणय, स्नेह, लाङ-प्यार, अनुराग, ममता, रति, प्रीति, 
  • प्रोत्साहन – हौसला, बढ़ावा, उत्साहवर्धन, 
  • प्रौढ – बुजुर्ग, पक्की उम्र का, प्रबुद्ध, अधेड
  • पोत – जलयान, जहाज
  • पुश्कल – बहुत, अधिक, इफरात, ढेर-सा, प्रचुर, विपुल, अतिशय, अत्यन्त 
  • पुष्टि – समर्थन, हिमायत, अनुमोदन
  • पूजा – अर्चना, वन्दना, इबादत, आराधना, उपासना, पूज्य- पूजनीय, अर्चनीय, वंदनीय, आराध्य, उपास्य, वंद्य 
  • पूर्ण – पूरा, सारा, कुल, सम्पूर्ण, सकल, समूचा, समग्र
  • प्रख्यात – नामी, प्रसिद्ध, मशहूर, विख्यात, प्रतिष्ठित, यशस्वी, विश्रुत, नामवर, लब्ध-प्रतिष्ठ, 
  • प्रगति – तरक्की,उन्नति, विकास, बढ़ती, श्रीवृद्धि
  • पान – ताम्बुल, नागिनी पत्र, पर्णलता, नागरबेल, नागबल्ली, सप्तशिला, 
  • पाला – नीहार, तुषार, प्रालेय, हिम 
  • पार्वती – दुर्गा, भवानी, सती, गौरी, चण्डी, ईश्वरी, शिवा, गिरिजा, उमा, गिरिराज कुमारी, अम्बिका, शैलसुता, रुद्रानी, आर्या, अभया, सर्वमंगला, मैनसुता, हेमवती, मृडानी, अर्पणा
  • परेशान – आकुल, उद्विग्न, झुब्ध, बेजार
  • परोक्ष – ओझल, अगोचर, अप्रत्यक्ष, गुप्त, तिरोहित 
  • पल – लमहा, क्षण, सेकण्ड, अंश, दम, निमेष, 
  • पर्याप्त – काफी, बहुत, प्रचुर, यथेष्ट 
  • पल्लव – पत्ती, पर्ण, किसलय, पात, कॉपल
  • पल्ला – दामन, आँचल, छोर
  • पवित्र – शुद्ध, स्वच्छ, साफ, पावन, विशुद्ध, पुनीत, पाक, शुचि
  • परिक्रमा – परिभ्रमण, चक्कर, फेरा, प्रदक्षिणा, 
  • परिचय – पहचान, जानकारी, मुलाकात, अभिज्ञान, वाकफियत
  • परिचर्या – देख-भाल, चाकरी, सेवा, टहल, शुश्रूषा, खिदमत, 
  • परिणय – शादी, ब्याह, विवाह, पाणिग्रहण
  • परिणाम – अंजाम, नतीजा, फल, निष्कर्ष, निष्पतित 
  • परिताप – दर्द, दुःख, पीडा, क्लेश, व्यथा
  • परिपाटी – रीति, रिवाज, प्रथा, परम्परा, चलन, प्रचलन, दस्तूर, तरीका, ढंग, प्रणाली, पद्धति, रूढि
  • पण्डित – विद्वान, कोविद, बुध, धीर, मनीषी, सुधी, प्राज्ञ, विलक्षण, विज्ञ, सुविज्ञ 
  • पथ्य – भोजन, आहार, भोज्य पदार्थ
  • पथिक – राही, यात्री, मुसाफिर, पथी, बटोही 
  • पद – पैर, पाँव, चरण, कदम, पाद, पग, पगु
  • परशुराम – परशुधर, भार्गव, भृगुसुत, जामदग्न्य, रेणुकातनय, भृगुनन्दन
  • परन्तु – किन्तु, लेकिन, पर, मगर
  • पड़ोसी – हमसाया, प्रतिवेशी, प्रतिवासी
  • पढ़ाई – अध्ययन, पठन-पाठन, विद्याभ्यास
  • पताका – झण्डा, ध्वज, ध्वजा, निशान, फरहरा, केतु
  • पत्तन – शहर, नगर, नगरी, पुर, पुरी 
  • पत्ता – पत्र, पात, पर्ण,  दल, पल्लव, छदन
  • पर्वत – पहाड, मेरू, गिरि, अचल, भूधर, शैल, नग, भूमिधर, महीधर, तुग, घराघर
  • पवन – हवा, बयार, वायु, समीर, अनिल, वात, मारुत, प्रकम्पन, समीरण, प्रभजन, प्राण, पवमान नभप्राण, मृगवाहन 
  • पक्षी – चिडिया, परिन्दा, पछी, खग, द्विज, पखेरू, अंडज, विहग, विहंग, शकुन्त, शकुनि, पतग, 
  • पराग – पुष्पधूलि, रंज, पुष्परज, कुसुमरज
  • पुत्र – बेटा, लडका, पूत, सुत, तनया, आत्मज, औरस, 
  • परिर्वतन – बदलाव, हेर-फेर, अदल-बदल, फेर-बदल, तबदीली 
  • प्रणय – प्रेम, प्रीति, अनुराग, अनुरक्ति, स्नेह, 
  • प्रसन्नता – खुशी, आनन्द, प्रफुल्लता, हर्ष, आह्मद, 
  • प्रभात – सुबह, सवेरा, प्रातः, ऊषा, अरुणोदय
  • पृथ्वी – धरती, भू, भूमि, धरित्री, वसुन्धरा, अचला, जगती, धरा, धरणी, वसुधा, क्षिति, उर्वी, मेदिनी, मही, प्रहुभि, धाप्ती, क्षोणी, वसुमूति, बीजप्रसु, अवनि, ईला 
  • प्रकाश – रोशनी, उजाला, चमक, ज्योति, प्रभा, छवी, धुति, आलोक, दीप्ति, 
  • प्रेमी – आशिक, प्यारा, प्रियतम, स्नेही, अनुरागी
  • प्रगल्भ – घमण्डी, अहंकारी, अभिमानी, गर्वीला, दभी 
  • प्रचण्ड – भयंकर, खौफनाक, भीषण, भयानक, उर्म
  • प्रचुरता – इफरात, बहुलता, आधिक्य, बहुतायत, प्रभूतता
  • प्रजा – जनता, जन, लोक, रैयत, रिआया, 
  • प्रजातन्त्र – लोकतन्त्र, जनगण, जनतन्त्र, 
  • प्रज्ञा- बुद्धि, समझ, ज्ञान, प्रतिभा, मेघा

पहाड़ से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Pahad Ka Paryayvachi Shabd

पहाड़- प्राकृतिक रूप से उठी हुई पृथ्वी तल से बहुत ऊंचे पत्थर चुने आदि की बड़ी-बड़ी चट्टानें जो प्रायः उबड-खाबड रूप में होती है उसे पहाड़ कहते हैं।

बहुत ऊंचे ऊंचे पर्वत श्रंखला पूरे विश्व में मौजूद है। पर्वतों की ऊंचाई लगभग 1000 मीटर से अधिक होती है। जब किसी पर्वत की ऊंचाई 1000 मीटर से अधिक होती है तब उस पर आसानी से चढ पाना मुश्किल होता है। इसको पर्वत कहा जाता है।

जिसकी ऊंचाई 1000 मीटर से कम होती है उसे पहाड़ कहा जाता है।

वैज्ञानिकों ने पर्वत को चार भागों में विभाजित किया है- वलित पर्वत, अवशिष्ट पर्वत, ब्लॉक पर्वत, ज्वालामुखी पर्वत

प्रकृति के पहाड़ों की भी एक अलग दुनिया है। वैसे पहाड़ों का रंग भूरा, काला, मटमैला, नीला होता है। बर्फीले क्षेत्रों में पहाड़ सिर्फ बर्फ से ही ढके रहते हैं। इनमें गहराई तक बर्फ जम जाती है।

जापान में तो ऐसे पहाड़ भी हैं। जो ज्वालामुखी उगलते रहते हैं। कुछ पहाड़ बड़े रहस्मयी भी होते हैं। जो अपने सीने से तरह-तरह की आवाजें निकालते हैं।

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