मन का पर्यायवाची शब्द | Man Ka Paryayvachi Shabd Kya hai

मन का पर्यायवाची शब्द | Man Ka Paryayvachi Shabd : अंतर, हृदाय, चित्त, मानस, दिल, जी, अंतःकरण, बुद्धि, मत, लक्ष्य, इरादा, विचार, तबीयत आदि, आज की नई पोस्ट मन का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की मन का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही म से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | (Man Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

मन का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

मन का पर्यायवाची शब्दMan Ka Paryayvachi Shabd
अंतर, हृदाय, चित्त, मानस, दिल, जी, अंतःकरण, बुद्धि, मत, लक्ष्य, इरादा, विचार, तबीयतAntar, Hriday, Chitta, Manas, Dil, ji, Anatahkarun, Buddhi, Mat, Lakshya, Irada, Vichar, Tabiyat

से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • महिमा – गरिमा, गौरव, बडाई,  महत्ता, माहात्म्य
  • मांगलिक – शुभ, शुभकर, मंगलदायक, कल्याणकारी, मंगलकारी, शुभदा
  • मातहत – अधीनस्थ, अधीन, निम्नपदस्थ, अवर
  • मान्य – माननीय, सम्माननीय, गणमान्य, पूजनीय, पूज्य, समादरणीय, श्रद्धेय, कुलीन 
  • माया – छल, धोखा, प्रपंच, प्रतारण, अस्तित्वरहित
  • मार्मिक – हृदयस्पर्शी, मर्मस्पर्शी, हृदयविदारक, नर्मान्तक, मर्मभेदी
  • मनचाहा – अभिलाषित, मनोवांछित, यथेष्ट यथेच्छ, इच्छित, अनीष्ट, 
  • मनीषी – विद्वान, ज्ञानी, पण्डित, विचारक, निष्णात्, चिन्तक, मुर्द्धन्य, 
  • मनुष्य – मानव, नर, इन्सान, मानुष, मनुज, मर्त्य,
  • मनोरम – सुन्दर, मनोहर, मनोज्ञ, मनभावन, रमणीय, मजुली 
  • मनोरंजन – आनन्द, मनबहलाव, तफरीह, मनोविनोद, आमोद-प्रमोद
  • मधु – शहद, शराब, मदिरा, वसन्त ऋतु, कुसुकासव, पुष्पासव,  चैत्यमास, मकरन्द, माक्षिक 
  • महादेव – शिव, शम्भु, शकर, महेश, नीलकण्ठ, कैलाशपति, गंगाधर, महेश्वरी, हर, गिरीश, चन्द्रशेखर, पशुपति, रुद्र, त्रिलोचन, गिरजापति, त्रिपुरारी, उमापति, भूतनाथ, कपर्दी, वामदेव, शितिकण्ठ
  • मन्थन – अवगाहन, संघर्षण, बिलोना
  • मत – राय, विचार, सम्मति, धारणा, मन्तव्य,
  • मन्दिर – देवस्थान, देवगृह, देवालय, ईशगृह 
  • मंगल – नेकी, भलाई, भला, उपकार, हित, कल्याण, परोपकार
  • मंजुल – लुभावन, मनोरम, चिन्ताकर्षक, मनोहर, मनहर
  • मण्डित – सज्जित, सुशोभित, सुसज्जित, विभूषित, अलकृत, समलकृत 
  • मन्दन – धीमा, मंद, वेग-हीन, अशीघ्र, अद्भुत
  • मक्कार – दगाबाज, छली, खोटा, धूर्त, पंचक
  • मक्खन – माखन, दीघसार, नवनीत
  • मतभेद – विरोध, असहमति, असम्मति, वैमनस्य, मतद्वैध
  • मद – नशा, मदहोशी, मतवालापन, मादकता
  • मद – घमण्ड, अहंकार, अभिमान, गर्व, दम्भ
  • मदिरा – दारू, शराब, मधु, सोम, हाला, माध्याक, सुरा, आसव, मद्य, मध्यासव, वारुणी, माध्विजा 
  • मन – जी, हृदय, चित्त, अन्त करण, दिल, अन्तर, मानस, 
  • मनगढन्त – काल्पनिक, खयाली, कल्पित, अवास्तविक, यथार्थरहित
  • मरघट – श्मशान, कब्रगाह, चिताभूमि, प्रेतघाट
  • मवाद – पस, पूय, पी
  • मसौदा – प्रारूप, प्रालेख, पाण्डुलिपि, 
  • महक – खुशबू, सुगन्ध, सुवास, परिमल, वास
  • महत्त्व – बडाई, महत्ता, माहात्म्य
  • महात्मा – महापुरुष, महाशय, माहामना, महानुभाव, 
  • महावत – महापात्र, हाथीवान, पीलवान
  • मूर्ख -अज्ञानी, गवार, निर्बुद्धि, मूढ, जड़
  • मुर्गा – कुक्कुट, अरुणशिखा, तमचुर, ताम्रचूड, चरणायुध 
  • मुनि – तपस्वी, संत, साधु, ऋषि, योगि, तापस, व्रती, संत
  • मृत्यु – मौत, निधन, देहान्त, स्वर्गवास, प्राणान्त, अन्तकाल, देहावसान, ईन्तकाल, शरीरान्त 
  • मेंढक – मण्डूक, दादुर, चातक, वर्षाप्रियदर, भेक, शालूक, शालू, वर्षा-भू, 
  • मेधावी – बुद्धिमान, प्रज्ञावान्, सुधी, बुध
  • मेहनत – परिश्रम, श्रम, मशक्कत, कर्मठता, अध्यवसाय, उद्योग, उद्यम 
  • मेहनती – परिश्रमी, श्रमशील, कर्मठ, अध्यवसायी, उद्योगी, उद्यमी
  • मैत्री – दोस्ती, मित्रता, यारी, सख्यभाव, सौहार्द
  • मैना – चित्राक्षी, चित्रनेत्रा, कलहप्रिया, मदन, सारिका 
  • मैला – गन्दा, अस्वच्छ, मलिन, अशुद्ध, कलुषित, 
  • मोती – सीपिज, शुक्तिज, मुक्ता, स्वातिसुत, भौक्तिक 
  • मोक्ष – मुक्ति, निर्वाण, परमधाम, अपवर्ग, परमगति, कैवल्य, परमपद, सद्गति, अमृतत्व 
  • मोहक – मनोहर, आकर्षक, सुन्दर, लुभावन, मनभावन, दिलकश, मनहर
  • मौलिक – मूलभूत, वास्तविक, आधारभूत, असली, बुनियादी, 
  • मार्ग – रास्ता, राह, सड़क, पथ, डगर, पंथ,
  • भ्रमर – भौरा, मधुकर, अलि, मधुराज, मधुभक्षी, मधुप, भृग, षटपद, द्विरेफे
  • भंगिमा – टेढापन, कुटिलता, वक्रता
  • भंगुर – क्षणिक, क्षणभगुर, भग्नशील, नश्वर, नाशवान
  • भंडार – गोदाम संग्रहालय, संग्रहागार, मालखाना, आगार
  • भगिनी – बहन, जीजी, दीदी, सहोदरा 
  • भर्त्सना – फटकार, डॉट-डपट, निन्दा, कुत्सा, दुत्कार, झिड़की 
  • भला – नेक, अच्छा, बढ़िया, उत्तम, सज्जन
  • भव्य – आलीशान, शानदार, दिव्य, मनोहर, रमणीय
  • भाँड – जोकर, मसखरा, विदूषक
  • भाग – हिस्सा, टुकडा, खण्ड, अंश, अंग, अवयव
  • भाग्य – किस्मत, तकदीर, नसीब, प्रारब्ध मुकद्दर, 
  • भारत – हिन्दुस्तान, आर्यावर्त्त, भारतखण्ड, जम्बूद्रीय, 
  • भारती – शारदा, सरस्वती, वीणावादिनी, विद्यादेवी, वाणी, वागीश, वागेश्वरी, विधात्री, वाचा, गिरा, ब्राह्मी
  • भारी – वजनदार, वजनी, बोझिल 

मन से जुडे कुछ रोचक तथ्य

मन – श्रवण का मन बहुत ही पवित्र है। 

इरादा – दशरथ का इरादा गलत नहीं था। 

अंतर – राम और श्याम की सोच में अंतर है। 

दिल – राकेश नेक दिल इंसान है। 

लक्ष्य – हर व्यक्ति का लक्ष्य निश्चित होना चाहिए। 

विचार – हर मनुष्य का अपना एक अलग विचार होता है। 

जी – आप किसी की बातों में ना आएं तुम्हारा जो जी करे तुम वही करना।

  • देर रात तक बात करने से लोग सच बोलते हैं। क्योंकि उनका दिमाग थका हुआ होता है।
  • यदि कोई नई नई जगत घूमता है। तो आपका मन शांत रहता है।

लक्ष्य – जिस चीज को तुम पाना चाहते हो उससे तुम पहले से ही सोचो कि वह चीजें तुम्हारे पास है इसकी वजह से उस चीज की और तुम्हारी frequency बराबर मिल जाती है।

ह्रदय – प्रभु श्री राम जी का हृदय बहुत ही कोमल व दयालु है। 

विचार – आपके जैसे विचार होंगे वह व्यक्ति उसी प्रकार का बन जाता है।

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