मछली का पर्यायवाची शब्द | Machhali Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

मछली का पर्यायवाची शब्द | Machhali Ka Paryayvachi Shabd : मीन, जल जीवन, झस, शफरी, मत्स्य, झख, मकर आदि, आज की नई पोस्ट मछली का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की मछली का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही म से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | ( Machhali Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

machhali ka paryayvachi Shabd kya hota hai
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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

मछली का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

मछली का पर्यायवाची शब्दMachhali Ka Paryayvachi Shabd
मीन, जल जीवन, झस, शफरी, मत्स्य, झख, मकरMean, Jal Jivan, Jas, Safari, Matsya, Jakh, Makar

से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • मछली – मीन, जल-जीवन, मत्स्य, शफरी, झष 
  • मां – माता, जननी, अम्मा, जन्मदात्री, माई, मैया, महतारी, मातु, मातृ, अम्बिका, मातरि, अम्ब, जनयित्री, धात्री, प्रसू
  • मित्र – दोस्त, सखा, यार, हमदम, मीत, सुहृद
  • मेघ – बादल, पयोद, अम्बुद, जलचर, पयोधर, धराधर, धन, वारिद, जीमूत नीरद, वारिधर, जगजीवन,  
  • मोर – मयूर, नीलकण्ठ, केकी, ध्वजी, शिखण्डी, कलापी, बर्हि, शिखी, सारंग हरि, भुजगारि, शिव-सुत-वाहन
  • मंजिल – लक्ष्य, पड़ाव, गन्तव्य
  • मधु – शहद, शराब, मदिरा, वसन्त ऋतु, कुसुकासव, पुष्पासव,  चैत्यमास, मकरन्द, माक्षिक 
  • महादेव – शिव, शम्भु, शकर, महेश, नीलकण्ठ, कैलाशपति, गंगाधर, महेश्वरी, हर, गिरीश, चन्द्रशेखर, पशुपति, रुद्र, त्रिलोचन, गिरजापति, त्रिपुरारी, उमापति, भूतनाथ, कपर्दी, वामदेव, शितिकण्ठ
  • मन्थन – अवगाहन, संघर्षण, बिलोना
  • मत – राय, विचार, सम्मति, धारणा, मन्तव्य
  • मनचाहा – अभिलाषित, मनोवांछित, यथेष्ट यथेच्छ, इच्छित, अनीष्ट, 
  • मनीषी – विद्वान, ज्ञानी, पण्डित, विचारक, निष्णात्, चिन्तक, मुर्द्धन्य, 
  • मनुष्य – मानव, नर, इन्सान, मानुष, मनुज, मर्त्य,
  • मनोरम – सुन्दर, मनोहर, मनोज्ञ, मनभावन, रमणीय, मजुली 
  • मनोरंजन – आनन्द, मनबहलाव, तफरीह, मनोविनोद, आमोद-प्रमोद
  • महिमा – गरिमा, गौरव, बडाई,  महत्ता, माहात्म्य
  • मांगलिक – शुभ, शुभकर, मंगलदायक, कल्याणकारी, मंगलकारी, शुभदा
  • मातहत – अधीनस्थ, अधीन, निम्नपदस्थ, अवर
  • मान्य – माननीय, सम्माननीय, गणमान्य, पूजनीय, पूज्य, समादरणीय, श्रद्धेय, कुलीन 
  • माया – छल, धोखा, प्रपंच, प्रतारण, अस्तित्वरहित
  • मार्मिक – हृदयस्पर्शी, मर्मस्पर्शी, हृदयविदारक, नर्मान्तक, मर्मभेदी
  • मूर्ख -अज्ञानी, गवार, निर्बुद्धि, मूढ, जड़
  • मुर्गा – कुक्कुट, अरुणशिखा, तमचुर, ताम्रचूड, चरणायुध 
  • मुनि – तपस्वी, संत, साधु, ऋषि, योगि, तापस, व्रती, संत
  • मृत्यु – मौत, निधन, देहान्त, स्वर्गवास, प्राणान्त, अन्तकाल, देहावसान, ईन्तकाल, शरीरान्त 
  • मेंढक – मण्डूक, दादुर, चातक, वर्षाप्रियदर, भेक, शालूक, शालू, वर्षा-भू, 
  • मेधावी – बुद्धिमान, प्रज्ञावान्, सुधी, बुध
  • मेहनत – परिश्रम, श्रम, मशक्कत, कर्मठता, अध्यवसाय, उद्योग, उद्यम
  • मिलन – मेल, मिलाप, समागम, सम्पर्क, संयोग, भेंट, 
  • मीठा – मिष्ट, मधुर, सुरस, सरस, स्वादु, 
  • मुकदमा – केस, मामला, दावा, नालिश, वाद
  • मुक्त – आजाद, खुला, स्वतंत्र, छूटा, स्वछन्द, उन्मुक्त 
  • मुख – मुँह, मुखड़ा, चेहरा, आनन, बदन
  • मुख्य – प्रमुख, खास, प्रधान, प्रवर, वरेण्य
  • मुग्ध – मोहित, आसक्त, आकृष्ट, तल्लीन, लुब्ध
  • मूँगा – प्रवाल, रक्तमणि, चिद्रुम
  • मेहनती – परिश्रमी, श्रमशील, कर्मठ, अध्यवसायी, उद्योगी, उद्यमी
  • मैत्री – दोस्ती, मित्रता, यारी, सख्यभाव, सौहार्द
  • मैना – चित्राक्षी, चित्रनेत्रा, कलहप्रिया, मदन, सारिका 
  • मैला – गन्दा, अस्वच्छ, मलिन, अशुद्ध, कलुषित, 
  • मोती – सीपिज, शुक्तिज, मुक्ता, स्वातिसुत, भौक्तिक 
  • मोक्ष – मुक्ति, निर्वाण, परमधाम, अपवर्ग, परमगति, कैवल्य, परमपद, सद्गति, अमृतत्व 
  • मोहक – मनोहर, आकर्षक, सुन्दर, लुभावन, मनभावन, दिलकश, मनहर
  • मौलिक – मूलभूत, वास्तविक, आधारभूत, असली, बुनियादी, 
  • मार्ग – रास्ता, राह, सड़क, पथ, डगर, पंथ
  • मरघट – श्मशान, कब्रगाह, चिताभूमि, प्रेतघाट
  • मवाद – पस, पूय, पी
  • मसौदा – प्रारूप, प्रालेख, पाण्डुलिपि, 
  • महक – खुशबू, सुगन्ध, सुवास, परिमल, वास
  • महत्त्व – बडाई, महत्ता, माहात्म्य
  • महात्मा – महापुरुष, महाशय, माहामना, महानुभाव, 
  • महावत – महापात्र, हाथीवान, पीलवान

मछली से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Machhali Ka Paryayvachi Shabd

मछली – मछली जल में रहने वाली एक प्राणी है। जो जल में ही जीवित रह सकती है। मीठे पानी में मछली अधिक पाई जाती है। मछली की बहुत सारी प्रजातियां होती हैं।

समंदर में छोटी-छोटी मछलियों से लेकर बड़ी-बड़ी आकार की मछलियां पाई जाती हैं। मछलियां रंग बिरंगी होती हैं। जिनको देखने में बड़ा ही आनंद आता है। मछली जल की रानी होती है। जल उसका जीवन है।

मछलियों को घरों में पालते हैं। जल की रानी के रूप में मछली जानी जाती है। मछली का जीवन पानी में छुपा होता है। मछली सांस लेने के लिए गलफड़े का उपयोग करती है। यदि मछली के गलफडे खराब हो जाए तो मछली मर जाती है। मछली के जीवन के लिए उसके गलफडे का बहुत योगदान होता है।

व्हील प्रजापति की मछली समुद्र में पाई जाती है। यह सबसे बड़ी होती है। इस मछली का जीवन का लगभग 80 से 100 वर्षों का होता है। इस मछली को सबसे ज्यादा खतरा मनुष्य से होता है। क्योंकि मनुष्य इसका शिकार करते हैं। इसी कारण व्हील मछली का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा था। इसी कारण सरकार ने व्हील मछली के शिकार पर प्रतिबंध लगा दिया।

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