लिंग किसे कहते हैं परिभाषा, उदाहरण व भेद | Ling Kise Kahate Hain

नमस्ते दोस्तों मैं आप सभी लोगों का स्वागत करता हूं मैं Studyroot.in की तरफ से आज हम आपको लिंग किसे कहते हैं (Ling Kise Kahate Hain) के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर आएंगे हम पहले देखेंगे कि Ling ke ke kitne bhed hote Hain और हम लिंग के सभी भेदों को पढ़ने के साथ Ling kise kahate Hain in Hindi Grammar यह पोस्ट क्लास 10 व 12 के छात्रों के लिए यह कहें 1 से लेकर 12 के सभी छात्रों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने इस को इस प्रकार लिखा है कि आप लिंग के बारे में अधिकतम जानकारी प्राप्त कर सकें जिससे आपको दूसरी कोई पोस्ट पढ़ने की कोई जरूरत ना पढ़े।

Ling Kise Kahate Hain

लिंग की परिभाषा | Ling Ki Paribhasha

संज्ञासर्वनाम के जिस रुप से किसी वस्तु की जाति (पुरुष अथवा स्त्री) का बोध होता है, उसे लिंग कहते हैं।
लिंग भाषा का एक शब्द है जिसका अर्थ होता है। चिन्ह या निशान, चिन्ह या निशान किसी संज्ञा का होता है।
लिंग को दूसरे शब्दों में जाति कहते हैं लिंग का मतलब होता है – जाति

लिंग के कितने भेद होते हैं। Ling ke Kitne Bhed Hote Hain

लिंग के भेद – हिंदी में दो प्रकार के लिंग होते हैं।
1.पुलिंग (Masculine Gender)
2.स्त्रीलिंग (Feminine Gender)
सामान्यतः हिंदी में ‘पुल्लिंग प्रत्यय {पुलिंगार्थ} है। और ‘स्त्री प्रत्यय।

पुल्लिंग किसे कहते हैं Purling Kise Kahate Hain

पुल्लिंग – जिन संज्ञा शब्दों से यथार्थ या कल्पित पुरुषत्व का बोध होता है, उन्हें पुल्लिंग कहते हैं।
{संज्ञा के जिस रूप से पुरुष या नर का बोध होता हो उसे पुल्लिंग कहते हैं।}

पुल्लिंग के उदाहरण | Purling Ke Udaharan

• लड़का पढ़ता है।
• घोड़ा दौड़ता है।
बैल, घोड़ा, पेड़, लड़का, नगर, पैसा, पहिया, चमड़ा आना, गाना, नयन, वचन, हरण, गमन, हिसाब, जवाब कबाब, अहसास, मकान इत्यादि।

स्त्री लिंग किसे कहते हैं | Stri Ling Kise Kahate Hain

स्त्रीलिंग – जिन संज्ञा शब्दों से यथार्थ या कल्पित स्त्रीत्व का बोध होता है उन्हें स्त्रीलिंग कहते हैं।

स्त्रीलिंग के उदाहरण | Stri Ling Ke Udaharan

गाय, लड़की, लता, परी, बात, आंख, सरसों, सीता, अध्यापिका, मेरी, काली, जाती आदि।
• समझ आती है।
• पुस्तक लुभावनी है।

शब्दों में स्त्री लिंग एवं पुल्लिंग की पहचान करना।

किसी भी भाषा के शब्द व्यवहार पर ध्यान देने से ही लिंग का ज्ञान हो जाता है। हिंदी भाषा में सृष्टि के समस्त पदार्थों को दो ही लिंगो में विभक्त किया गया है ।

अतः सजीव शब्दों का लिंग निर्धारण सरलता से हो जाता है,।
लेकिन निर्जीव शब्दों का लिंग निर्धारण कठिन होता है। ।
लिंग निर्धारण संबंधित कोई निश्चित एवं व्यापक नियम नहीं है फिर भी कुछ आवश्यक नियम निम्न प्रकार हैं। जो मुख्यता इस प्रकार हैं ।

पुल्लिंग संज्ञा शब्दों की पहचान

 

प्राणीवाची पुल्लिंग संज्ञा शब्द

उल्लू, कीड़ा, तोता, खरगोश, कौवा, गैंडा, खटमल, पक्षी, भेड़िया, घोड़ा आदि।

अप्राणीवाचक पुल्लिंग संज्ञा शब्दों की पहचान

देशों के नाम में पुल्लिंग – चीन, जापान, भारत, पाकिस्तान, इंग्लैंड
   अपवाद – श्रीलंका, जर्मनी, इटली, चिली और तुर्की
पर्वतों के नाम – हिमालय, कैलाश, हिंदूकुश, सहयाद्री आदि।
   अपवाद – अरावली
धातुओं के नाम – सोना, पीतल, रंगा, सीसा, तांबा, लोहा, जस्ता, पारा आदि।
   अपवाद – चांदी ।
द्रव पदार्थों के नाम – तेल, शरबत, इत्र, दूध, पानी, सिरका, घी, जल, जूस, अर्क आदि।
  अपवाद – चाय, लस्सी, कॉफी ।
मांस और दिवसों के नाम – मार्च, अप्रैल, दिसंबर, चैत्र, जून, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, आषाढ़ आदि।
  अपवाद – जनवरी, फरवरी, मई, जुलाई आदि।
ग्रहों और तारों के नाम – मंगल, शनि, चंद्र, सूर्य, तारा, बुध, बृहस्पति, शुक्र, राहु, केतु, ध्रुव आदि।
  अपवाद – पृथ्वी।
अन्न पदार्थों के नाम – गेहूं, चावल, चना, बाजरा, जौं, आटा आदि।
  अपवाद – मक्का, सरसो, अरहर, ज्वार आदि।
पेड़ों के नाम – पीपल, आम, जामुन, गुलमोहर, सफेद आदि।
  अपवाद – बकाइन, चंपा ।
बहुमूल्य पदार्थों के नाम – हीरा, पन्ना, जवाहर, पुखराज, फिरोजा, नगीना, मोती आदि।
  अपवाद – मणि, लालड़ी आदि।
समुद्रों के नाम – हिंद महासागर, प्रशांत महासागर, अंध महासागर, अरब सागर आदि।

 

आव, आवा, पा, पन, न, त्व आदि। प्रत्ययों वाली भाववाचक संज्ञाएं प्रायः पुल्लिंग में मनी होते हैं।
आव – बहाव, फैलाव, तनाव, चढ़ाव
पन – बचपन, सीधापन, लड़कपन, ढीलापन
आवा – चढ़ावा, दिखावा, पहनावा

आप, आर, आस, आश, आ, ज, त, त्र, न, वो, ना  से अंत होने वाली संज्ञाएं प्रायः पुलिंग में माने जाते हैं।

आपअध्याय, उपाध्याय, न्याय।
आरविचार, समाचार,  प्रसार।
इसविकास, प्रयास।
आश प्रकाश, नाश।
स्वागत, गीत, दांत।
वेमन, आगमन।
वागौरव, रव
नाखाना, मरना, जीना, रोना, सोना, दौड़ना।
अपवाद
लात, रात, बात, बरात।
भूख।
उन।

• जिन शब्दों के अंत में ख, ज, ण, न, त्र आता है वे शब्द पुलिंग कहलाते हैं।

उदाहरण – दुःख, जलज, नयन, अस्त्र, रमन, बदन, भोज, मनोज, चित्र, व्याकरण, ताज, समाज आदि।

  • वर्णमाला के अक्षर – सभी व्यंजन एवं सभी स्वर पुल्लिंग कहलाते हैं।

अपवाद – इ, ई, ऋ ।

  • समय सूचक शब्दों में – क्षण, घंटा दिन सप्ताह महीना पक्ष आदि।

अपवाद – रात, संध्या, दोपहर, सेकंड, मिनट

  • शरीर के अंगों के नाम – मुंह, बाल, कान, पैर, नेत्र, सिर, माथा, दांत, हाथ आदि।

अपवाद – गर्दन, जीभ, अंगुली, एड़ी, चोटी, कमर, आंख, नाक, दाढ़ी, मुंह, पीठ, कोहनी आदि।

 

स्त्रीलिंग बोधक शब्द

  • ईकारांत शब्द प्रायः स्त्री लिंग बोधक होते हैं।

जैसे – नदी, रोटी, टोपी, उदासी, बोली, चिट्ठी, पत्री, लेखनी, पोथी आदि।

 

नदियों के नाम में स्त्रीलिंग
गंगा, यमुना, सरयू, ताप्ती, गोदावरी, रावी, व्यास, कृष्णा, कावेरी आदि।
भाषाओं के नाम में स्त्रीलिंग
हिंदी, जापानी, अंग्रेजी, संस्कृत, जर्मन, पंजाबी, गुजराती, मराठी, लेटिन आदि।
संस्कृत के आकारांत शब्दों में
लता, दया, कृपा, विद्या, सुंदरता, ममता आदि।
संस्कृत के इकारांत शब्दों में
रीति, छति, हानि, तिथि, भक्ति, शक्ति आदि।
अपवाद – कवि, रवि, व्यक्ति आदि।
इयांत शब्दों में स्त्रीलिंग : गुड़िया, बुढ़िया, खटिया, बछिया आदि।
आकारांत शब्दों में स्त्रीलिंग – ब्लू, बालू, झाड़ू आदि।
अपवाद – आलू, आंसू, डाकू, भालू आदि।
लिपियों के नाम में स्त्रीलिंग – देवनागरी, ब्राह्मी, रोमन, गुरुमुख, अरबी, फारसी आदि।
वर्णमाला के अक्षरों में – इ, ई, ऋ।
बोलियों के नाम में स्त्रीलिंग – ब्रज, भोजपुरी, हरियाणवी, अवधि आदि।
नक्षत्रों के नाम ने स्त्रीलिंग – रोहिणी, अश्विनी, भरणी।
तिथियों के नाम में स्त्रीलिंग
प्रथमा, द्वितीय, दसमी, तृतीय, चतुर्थी, एकादशी, अमावस्या, पूर्णिमा, नवमी, अष्टमी, सप्तमी, चतुर्दशी, त्रयोदशी, पंचमी, षष्ठी आदि।
देवियों के नाम में – दुर्गा, रमा, उमा।
लताओं के नाम – अमरबेल, मालती, तोरई।
औरतों के नाम – सीता, आशा, शबनम, रजिया आदि।

 

आ, आई, आइन, आनी, आवत, आहट, इया, ई, त, ता, ति – आदि प्रत्यय युक्त शब्द स्त्रीलिंग होते हैं।

जैसे -छाया, मिठाई, ठकुराइन, नौकरानी, सजावट, घबराहट, गुड़िया, गरीबी, ताकत, मानवता, नीति आदि।

लिंग परिवर्तन | Ling Badlo in Hindi

 

पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के नियम।

 

• शब्दांत ‘अ’ को ‘आ’ में बदल कर।

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
छात्रछात्रा
बालबाला
तनुजतनुजा
अनुजअनुजा
आत्मजआत्मजा
सुतसुता
प्रियप्रिया
अग्रजअग्रजा
 शिष्यशिष्या

 

• शब्दांत ‘अ’ को ‘ई’ में बदल कर

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
दासदासी
गोप गोपी
पहाड़पहाड़ी
पुत्रपुत्री
नरनारी
टोपटोपी

 

• शब्दांत ‘आ’ को ‘ई’ में बदल कर

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
चाचाचाची
मामामामी
घोड़ाघोड़ी
भतीजाभतीजी
कालाकाली
थोड़ाथोड़ी

 

शब्द के पूर्व में मादा शब्द लगाकर।

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
भालूमादा भालू
भेड़ियामादा भेड़िया
मच्छरमादा मच्छर
कछुआमादा कछुआ
पक्षीमादा पक्षी
खरगोशमादा खरगोश

 

शब्दांत ‘ता’ के स्थान पर ‘त्री’ लगाकर।

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
कर्ताकर्त्री
नेतानेत्री
दातादात्री

 

शब्दांत ‘वान’ के स्थान पर ‘वती’ लगाकर।

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
गुणवानगुणवती
पुत्रवानपुत्रवती
धनवानधनवती
सत्यवानसत्यवती
बलवानबलवती
भगवानभगवती

 

• शब्दांत मान के स्थान पर मती लगाकर

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
श्रीमानश्रीमती
बुद्धिमानबुद्धिमती
आयुष्मानआयुष्मती

 

‘आइन’ प्रत्यय लगाकर।

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
चौधरीचौधराइन
ठाकुरठकुराइन
मुंशीमुंशिआइन

 

इन प्रत्यय लगाकर।

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
मालीमालिन
धोबीधोबिन
चमारचमारिन

 

• शब्दांत में ‘ई’ के स्थान पर ‘इनी’ लगाकर।

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
हाथीहाथिनी
तपस्वीतपस्विनी
स्वामीस्वामिनी

 

अनी प्रत्यय लगाकर।

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
चौधरीचौधरानी
सेठसेठानी
देवरदेवरानी

 

नी प्रत्यय लगाकर।

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
शेरशेरनी
मोरमोरनी
जाटजाटनी

 

• शब्दांत प्रत्यय ‘अंक‘ को ‘इका‘ में बदलकर।

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
बालकबालिका
लेखकलेखिका
नायकनायिका

 

• शब्दांत ‘‘ का ‘इया‘ में बदलकर।

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
बूढ़ाबुढ़िया
चूहाचुहिया
कुत्ताकुत्तिया

 

उभयलिंग – जो शब्द पुल्लिंग और स्त्रीलिंग दोनों में एक समान होते हैं उसे हम अभय लिंग कहते हैं।

उदाहरण – राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री, डॉक्टर, मैनेजर, गवर्नर, कलेक्टर, जज, डिप्टी कलेक्टर, अध्यक्ष, प्रोफेसर, रीडर, लेक्चर, राजदूत आदि।

पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्दों की पहचान।

  • जिन शब्द के साथ अच्छा का प्रयोग होता है वह शब्द पुल्लिंग होता है।

• जिस शब्द के साथ अच्छी का प्रयोग होता है वह शब्द स्त्रीलिंग होता है।

जैसे – 

  • घी अच्छा है।     चाय अच्छी है
  • सोना अच्छा है।  चांदी अच्छी है।

यदि सहायक क्रिया के अंत में छोटी ‘इ’ या ‘ई’ का स्वर आता है वह शब्द स्त्रीलिंग होता है और सहायक क्रिया के अंत में , , , , , , ओ आते हैं तो वह शब्द पुल्लिंग होता है।

जैसे – 

  • दूध पी लिया।         काफी पी ली।
  • सोना खरीद लिया।   चांदी खरीद ली।

पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्द के उदाहरण

 

परीक्षा में अधिकतम बार पूछे गए लिंग

 

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
नेतानेत्री
विद्वानविदुषी
दातादात्री
ब्राह्मणब्राह्मणी
ठाकुरठकुरानी या ठकुराइन
लालाललाइन
बुद्धिमानबुद्धिमती
कांतकांता
प्रियतमप्रियतमा
तनयतनया
तनुजतनुजा
सुतसुता
कविकवयित्री
शिष्यशिष्या
छात्रछात्रा
दासदासी
पहाड़पहाड़ी
गोपगोपी
चाचाचाची
भालूमादा भालू
पक्षीमादा पक्षी
मच्छरमादा मच्छर
पुल्लिंगस्त्रीलिंग
भेड़ियामादा भेड़िया
खरगोशमादा खरगोश
धनवानधनवती
बलवानबलवती
भगवानभगवती
आयुष्मानआयुष्मति
चौधरीचौधराइन
मुंशीमुंशीयाइन
हाथीहाथिनी
स्वामीस्वामिनी
लेखकलेखिका
बूढ़ाबुढ़िया
सेठसेठानी

निष्कर्ष

दोस्तों आज की पोस्ट Ling kise kahate Hain मैं उम्मीद करता हूं कि यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी मैंने Ling in Hindi को सरलता के साथ समझाने की पूर्ण कोशिश की है। अगर कोई जानकारी Ling kise kahate Hain और Ling ke kitne bhed hote Hain in Hindi या अन्य किसी प्रकार की पोस्ट में हमसे कुछ छूट गया। हो तो आप नीचे कमेंट कर हमें सूचित कर सकते हैं। और हम आपके लिए आगे किस विषय पर जानकारी दें यह भी सुझाव जरूर बताएं आप आपके कमेंट का इंतजार रहेगा।

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