लक्ष्मी का पर्यायवाची शब्द | Lakshmi Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

लक्ष्मी का पर्यायवाची शब्द | Lakshmi Ka Paryayvachi Shabd : कमला, सिंधुसुता, इंदिरा, श्री, रमा, हरिप्रिय, भार्गवी, समुद्रजा, क्षीरोद, पदम आदि, आज की नई पोस्ट लक्ष्मी का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की लक्ष्मी का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही ल से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | (Lakshmi Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

Lakshmi ka paryayvachi Shabd kya hota hai
Lakshmi ka paryayvachi Shabd kya hota hai

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

लक्ष्मी का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

लक्ष्मी का पर्यायवाची शब्दLakshmi Ka Paryayvachi Shabd
कमला, सिंधुसुता, इंदिरा, श्री, रमा, हरिप्रिय, भार्गवी, समुद्रजा, क्षीरोद, पदमKamla, Sindhu, suta, Indira, Shri, Rama, haripriya, Bhargavi, samudraja, chhirodh, padam

से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • लक्ष्मी – हरिप्रिया, रमा, समुद्रजा, श्री, कमला, पद्मा, पद्मासना, भार्गवी, इन्दिरा, बीरोद दुता 
  • लक्ष्य – निशाना, ठिकाना, मंजिल, उद्देश्य, ध्येय गन्तव्य 
  • लगातार – बराबर, निरन्तर, सदा, अविराम, सर्वदा
  • लग्न – संलग्न, संयुक्त, नत्थी, सम्बद्ध 
  • लघु – छोटा, हल्का, न्यून, थोडा 
  • लज्जा – लाज, हया, शर्म, संकोच, बीड़ा,
  • लता – बल्ली, लतिका, बेल, बल्लरी, 
  • ललित – रमणीय, मनोहर, दिलकश, मनोज, मनभावन 
  • लापरवाह – बेफिक्र, चिन्तामुक्त, बेपरवाह, विमुख
  • लापरवाही – बेफिक्री, बेखबरी, बेसुधी
  • लक्ष्मण – लखन, रामानुज, शेषावतार, सुमित्रापुत्र, शेष,  सौमित्र, अनन्त, 
  • लहर – वेग, तरंग, प्रवाह, लहरी, ऊर्मि, हिलोर, वीचि, 
  • लौ – अग्निशिखा, ज्वाला, लपट
  • लाचार – मजबूर, बेचारा, बेबस, विवश, बाध्य, निरूपाय, निरीह 
  • लाभ – मुनाफा, फायदा, प्राप्ति, नफा 
  • लाल – सूर्य, रक्ताम, अरुण,  सुर्ख, रक्तिम, सुर्ख, लोहित 
  • लालसा – अभिलाषा, लालच, लोभ, लिप्सा, तृष्णा 
  • लुप्त – गायब, गुम, अप्रकट, अदृश्य, अन्तर्ध्यान, 
  • लोहा – आयस, फौलाद, लौह, सार, अश्मसार 
  • लुटेरा – डकैत, डाकू, अपहर्ता, लुण्ठक, बटमार

लक्ष्मी से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Lakshmi Ka Paryayvachi Shabd

लक्ष्मी- जिस घर में लक्ष्मी की पूजा नहीं की जाती है। उस घर में लक्ष्मी कभी वास नहीं करते हैं और मां लक्ष्मी धन की कृपा नहीं करती हैं।

हमें दो पल के लिए ही सही पर मां लक्ष्मी की पूजा और उनको भोग अवश्य लगाना चाहिए। यदि हम मां लक्ष्मी को भोग नहीं लगाते हैं तो वह भोजन चोरी किए हुए भोजन के समान होता है।

हमें कुछ पल भगवान जी की सेवा में जरूर लगाना चाहिए और भोग लगाना चाहिए वह भोग प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। जिस पूजा का प्रसाद ग्रहण नहीं किया जाता है। वह पूजा अधूरी मानी जाती है। पूजा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा चली जाते हैं और सकारात्मक उर्जा का वास होता है।

सुबह झाड़ू लगाने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। और सुबह सूर्योदय से पहले झाड़ू लगाने से बहुत ही ज्यादा लाभ होता है। मां लक्ष्मी घर में सुख, शांति और धन की कृपा बनाए रखती है। और सूर्य ढल जाने के बाद झाड़ू लगने से मां लक्ष्मी का अपमान होता है और उस घर से गरीबी कभी नहीं हटती है।

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