कर्मधारय समास, परिभाषा, उदाहरण व भेद | Karmdharay Samas Kise Kahate Hain

स्वागत है दोस्तों आज की नई पोस्ट कर्मधारय समास (Karmdharay Samas) में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की कर्मधारय समास किसे कहते हैं?(Karmdharay Samas kise Kahate Hain) कर्मधारय समास के कितने भेद होते हैं? तथा साथी में कर्मधारय समास (Karmdharay Samas) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस संपूर्ण पोस्ट को पढ़ेंगे।

समास हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण अंग है हर परीक्षा में समास से सवाल पूछे जाते हैं आज हम महत्वपूर्ण टॉपिक कर्मधारय समास की बात करने वाले हैं। तो देरी न करते हुए जानते हैं कि कर्मधारय समाज किसे कहते हैं? (Karmdharay Samas Kise Kahate Hain) कर्मधारय की परिभाषा, भेद व उदाहरण के साथ

karmdharay samas kise kahate hain
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कर्मधारय समास की परिभाषा | Karmdharay Samas Ki Paribhasha

जिस समास का एक पद (प्रथम पद) विशेषण हो दूसरा पद विशेष्य (संज्ञा) हो उसे कर्मधारय समास कहते हैं। इस समास का विग्रह करने पर “है जो” का प्रयोग करते हैं।

कर्मधारय समास के उदाहरण | Karmdharay Samas Ke Udaharan

समास समास विग्रह
महावीरमहान है जो वीर
महाकविमहान है जो कवि
महात्मामहान आत्मा है जो
नीलकमलनीला है जो कमल
परमेश्वरपरम है जो ईश्वर
नराधमअधम है जो नर
महौषधिमहान है जो औषधि
नीलाआकाशनीला है जो आकाश
समास समास विग्रह
मंदबुद्धिमंद है जो बुद्धि
पीतांबरपीत है जो अंबर
नीलगायनीली है जो गाय
महर्षिमहान है जो ऋषि
महाजनमहान है जो जन
काली मिर्चकाली है जो मिर्च
महाराजामहान है जो राजा
परमाणुपरम है जो अणु
समास समास विग्रह
महादेवीमहान है जो देवी
श्वेतांबरश्वेत है जो अंबर
महाकाव्यमहान है जो काव्य
प्रियजनप्रिय है जो जन
महाभोजमहान है जो भोज
व्रजदेहव्रज है जो देह
अंधकूपअंधा है जो कूप

नोट : जहां उपमेय तथा उपमान में संबंध होता है उसमें कर्मधारय समास होता है। इसका विग्रह करने पर “रूपी” का प्रयोग करते हैं।

समास समास विग्रह
देहलतालता रूपी देह
चरणकमलचरण रूपी कमल
भवसागरभव रूपी सागर
मुखचंद्रमुख रूपी चंद्रमा
कीर्तिलतालता रुपी कीर्ति
करकमल कमल रूपी कर
विद्याधनविद्या रूपी धन

नोट : जब प्रथम पद अपमान हो तब उत्तर पद (बाद वाला पद) उपमेय हो तो इसका विग्रह करने पर “के सामान” का प्रयोग करेंगे।

समास समास विग्रह
लौहपुरुषलोहे के समान पुरुष
कमलनयनकमल के समान नयन
मीनाक्षीमछली के समान आंखों वाली
मुखारबिंदुमुंह के समान अरविंद
चंद्रवदनचंद्र के समान वदन
कनकलताकनक के समान लता
अरविंदलोचनअरविंद के समान लोचन

कर्मधारय समास और बहुव्रीहि समास में अंतर

कर्मधारय समास के दोनों पदों में विशेषण विशेष्य या उपमेय अपमान का संबंध होता है। 
अर्थात : कर्मधारय समास के अंतर्गत पहला पद विशेषण होता है तथा दूसरा पद विशेष्य होता है।
यह दोनों पदों में उपमेय उपमान का संबंध पाया जाता है।

जबकि, बहुव्रीहि समास में दोनों पद मिलकर किसी तीसरे पद की ओर संकेत करते हैं।
अर्थात : बहुव्रीहि समास में न तो पहले पद प्रधान होता है और न ही अंतिम पद प्रधान होता है। बल्कि दोनों पद मिलकर अन्य तीसरे पद का निर्माण (संकेत) करते हैं वहां बहुव्रीहि समास होता है।

कर्मधारय समास में कौन सा पद प्रधान होता है?
कर्मधारय समास का उत्तर पद प्रधान होता है।

निष्कर्ष

छात्रों में उम्मीद करता हूं की आपको आज की यह पोस्ट कर्मधारय समास आपको पसंद आई होगी मैं इस पोस्ट में कर्मधारय समास के उदाहरण (Karmdharay Samas Ke Udaharan) के माध्यम से समझने की कोशिश की है जिससे आपको आसानी से समझ में आ जाए।

यदि आपको कर्मधारय समास (Karmdharay Samas) कि इस पोस्ट में किसी प्रकार की कोई शिकायत है। या आपको समास से संबंधित कोई सुझाव देना है तो आप हमें कमेंट सेक्शन या फिर ईमेल के माध्यम से सूचित कर सकते हैं मैं इस त्रुटि को जल्द से जल्द सुधारने का प्रयास करूंगा। आपके बहुमूल्य विचारों का इंतजार रहेगा। 

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