कपड़ा का पर्यायवाची शब्द | Kapda Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

कपड़ा का पर्यायवाची शब्द | Kapda Ka Paryayvachi Shabd : पट, वस्त्र, चीर, दुकूल, वसन, अम्बर, चैल, परिदा, पोशाक, लिबाज, परिधान, अंशु, मयुख, कर आदि, आज की नई पोस्ट कपड़ा का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की कपड़ा का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | ( Kapda Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

kapda ka paryayvachi Shabd kya hota hai
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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

कपड़ा का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

कपड़ा का पर्यायवाची शब्दKapda Ka Paryayvachi Shabd
पट, वस्त्र, चीर, दुकूल, वसन, अम्बर, चैल, परिदा, पोशाक, लिबाज, परिधान, अंशु, मयुख, करPat, Vastra, Chir, Dukul, Vasan, Ambar, Chail, Parida, Poshak, Libaaz, Paridhan, Anshu, Mayuk, Kar

से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • कमल – जलज, पंकज, सरोज, राजीव, अम्भोज, अरविन्द, शतदल, अबुज, नीरज, उत्पल, अब्ज, परिजात, कुबलय, इन्दीवर, पद्म, नलिन, शतपत्र, सरसिज, सरसीरुह, कज, पाथोज, पुण्डरीक, वारिज, सरीसह, कोकनद, तामरस, मकरन्द
  • कपड़ा – वस्त्र, चीर, वसन, अम्बर, पट, दुकूल, चैल, परिधर 
  • कामदेव – मनोभव, मकरध्वज, केतन, मयन, मनोज, मदन, मीन केतु, रतिपति, मनसिज, मन्मथ, पन्चशर, मार, स्मर, कन्दर्प, अनंग, कुसुमशर, पुष्पधन्वा
  • कारागार – जेल, कारावास, कैदखाना, बन्दीगृह
  • कर – शुल्क, महसूल, मालगुजारी 
  • किरण – कर, अशु, मरीचि, मयूख, रश्मि
  • कोयल – कोकिल, पिक, श्यामा, काकपाली,  मदनशलाका, कलघोष, वसन्तदूत
  • कंचन – सोना, स्वर्ण, कनक, सुवर्ण
  • कन्या – बालिका, कुमारी, कुँआरि, किशोरी, अविवाहिता, अनूढा, बाला, 
  • कबूतर – परेवा, कपोत, रक्तलोचन, हारीत, पारावृत
  • कटाक्ष – आक्षेप, व्यग्य, छींटाकशी
  • कच्चा – अनपका, कालपूर्व, अपक्व, अपरिपुष्ट, अप्रौढ, 
  • कपड़ा – वस्त्र, चीर, अंबर, पट, परिधान, दसन
  • कथन – कथनी, बयान, मत, विचार, वक्तव्य, 
  • कटु – कडवा, तीखा, कठोर, कडा, तेज, रूखा, रुक्ष, तीक्ष्ण, चरपाए, कर्कश, पेरुष
  • कुबेर – धनेश्वर, धनपति, धनपाल, धनेश, धनद, यक्षराज, धनाधिप, राजराज, किन्नरेश, अलंकेश, नृपराज, अधिपति
  • कुत्सित – नीच, बुरा, खराब, अधम, निकृष्ट, घृणित, लम्पट, गर्हित, हेय
  • कूटनीति – छलबल, दाँव-पेंच, घात, कूटयुक्ति, चाल 
  • कुत्ता – कुक्कुर, श्वान, शुनक, सारमेय, श्वा
  • कृतज्ञ – एहसानमन्द, आभारी, ऋणी, उपकृत, अनुगृहीत, कृतार्थ
  • केला – भानुफल, कदली, रम्भा, मोभा 
  • केश – बाल, लट, कच, अलक, कुन्तल
  • क्रोध – गुस्सा, आक्रोश, प्रकोप , कोप, अमर्ष, रोष, क्षोभ, तैश
  • कृष्ण – कन्हैया, श्याम, मोहन, वंशीधर, वासुदेव, मुरलीधर, गोविंन्द, गोपीनाथ, नंदलाल, बनवारी, नंदनदन, • बनमाली, गिरिंधर, हृषीकेश, मुरारी, मुकुन्द, दामोदर, ब्रज वल्लभ, क्षमाधव, क्षीरसायी
  • कृपा – दया, करुणा, अनुग्रह, अनुकम्पा 
  • कंदरा – गुफा, गहर, गुहा, खोह
  • कंगाल – गरीब, निर्धन, दरिद्र, अकिंचन, 
  • कपकपी – थरथराहट, थरथरी, प्रकपन
  • कब्ज – मलावरोध, मलबद्धता, कोष्ठबद्धता, मलबध, बद्धकोष्ठ
  • कानाफूसी – फुसफुस, खुसर-फुसर, फिसफिस
  • काक – कौआ, काण, काग, करठ, वायस, पिशुन
  • कामुकता – व्यभिचारिता, विषयासक्ति, भोगासक्ति, इन्द्रियलोलुपता, लम्पटता
  • कार्तिकेय – कुमार, स्कंद, षडानन, शरभव, 
  • क्रूर – कठोर, दयाहीन, निर्दयी, निर्दय

कपड़ा से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Kapda Ka Paryayvachi Shabd

कपड़ा – कपड़ों का उपयोग पहनने के लिए किया जाता है। कपड़ों का उपयोग हम कई तरह से करते हैं।

  • कपड़ों का उपयोग चादर बनाने के लिए किया जाता है।
  • कपड़े का उपयोग तौलिया बनाने में किया जाता है।
  • घरों की खिड़कियों दरवाजे पर पर्दा लगाने के लिए भी कपड़े का उपयोग किया जाता है।
  • कपड़े धागे से बनते हैं धागे का निर्माण कपास या ऊन से किया जाता है।
  • अक्सर कपड़े बुनाई करके या सिलाई करके तैयार किए जाते हैं।
  • महिलाएं साड़ी पहनती हैं एक साड़ी लगभग 9  मीटर लंबी होती है।
  • पहले लोग धोती कुर्ता पहनना पसंद करते थे लेकिन आजकल पेंट शर्ट पहनना पसंद करते हैं।
  • महिलाओं के कपड़े बनाने के लिए उसमें कढ़ाई भी की जाती है।
  • हमारे देश में महिलाएं सलवार, सूट, लहंगा, चुनरी आदि पहनती हैं।
  • वर्तमान में वस्त्र उद्योग विश्व का सबसे अधिक विस्तृत उद्योग है कपड़े की मांग सदैव बनी रहती है।

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