कलम का पर्यायवाची शब्द | Kamal Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

कलम का पर्यायवाची शब्द | Kamal Ka Paryayvachi Shabd : अवलेखनी, अक्षरजननी, कटाव, अवलेखा, मसीपथ, लेखनी, वर्णाक, औजार, टहनी, साइनपेन, पेन, तूलिका, चित्रकार तूलिका, अक्षरतूलिका, बालपेन आदि, आज की नई पोस्ट कलम का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की कलम का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही क से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | (Kamal Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

कलम का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

कलम का पर्यायवाची शब्दKamal Ka Paryayvachi Shabd
अवलेखनी, अक्षरजननी, कटाव, अवलेखा, मसीपथ, लेखनी, वर्णाक, औजार, टहनी, साइनपेन, पेन, तूलिका, चित्रकार तूलिका, अक्षरतूलिका, बालपेनAvlekhni, achchajanani, katao, navlekha, Masipaath, lekhini, varnak, auzaar, taheni, Sainpen, pen, tulika, chitrakaar tulika, aksharatulika, Balpen

क से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • कमल – जलज, पंकज, सरोज, राजीव, अम्भोज, अरविन्द, शतदल, अबुज, नीरज, उत्पल, अब्ज, परिजात, कुबलय, इन्दीवर, पद्म, नलिन, शतपत्र, सरसिज, सरसीरुह, कज, पाथोज, पुण्डरीक, वारिज, सरीसह, कोकनद, तामरस, मकरन्द
  • कपड़ा – वस्त्र, चीर, वसन, अम्बर, पट, दुकूल, चैल, परिधर 
  • कामदेव – मनोभव, मकरध्वज, केतन, मयन, मनोज, मदन, मीन केतु, रतिपति, मनसिज, मन्मथ, पन्चशर, मार, स्मर, कन्दर्प, अनंग, कुसुमशर, पुष्पधन्वा
  • कारागार – जेल, कारावास, कैदखाना, बन्दीगृह
  • कर – शुल्क, महसूल, मालगुजारी 
  • किरण – कर, अशु, मरीचि, मयूख, रश्मि
  • कोयल – कोकिल, पिक, श्यामा, काकपाली,  मदनशलाका, कलघोष, वसन्तदूत
  • कंचन – सोना, स्वर्ण, कनक, सुवर्ण
  • कृष्ण – कन्हैया, श्याम, मोहन, वंशीधर, वासुदेव, मुरलीधर, गोविंन्द, गोपीनाथ, नंदलाल, बनवारी, नंदनदन, • बनमाली, गिरिंधर, हृषीकेश, मुरारी, मुकुन्द, दामोदर, ब्रज वल्लभ, क्षमाधव, क्षीरसायी
  • कृपा – दया, करुणा, अनुग्रह, अनुकम्पा 
  • कंदरा – गुफा, गहर, गुहा, खोह
  • कंगाल – गरीब, निर्धन, दरिद्र, अकिंचन, 
  • कपकपी – थरथराहट, थरथरी, प्रकपन 
  • केला – भानुफल, कदली, रम्भा, मोभा 
  • केश – बाल, लट, कच, अलक, कुन्तल
  • कब्ज – मलावरोध, मलबद्धता, कोष्ठबद्धता, मलबध, बद्धकोष्ठ
  • कानाफूसी – फुसफुस, खुसर-फुसर, फिसफिस
  • काक – कौआ, काण, काग, करठ, वायस, पिशुन
  • कामुकता – व्यभिचारिता, विषयासक्ति, भोगासक्ति, इन्द्रियलोलुपता, लम्पटता
  • कार्तिकेय – कुमार, स्कंद, षडानन, शरभव, 
  • क्रूर – कठोर, दयाहीन, निर्दयी, निर्दय, 
  • कुबेर – धनेश्वर, धनपति, धनपाल, धनेश, धनद, यक्षराज, धनाधिप, राजराज, किन्नरेश, अलंकेश, नृपराज, अधिपति
  • कुत्सित – नीच, बुरा, खराब, अधम, निकृष्ट, घृणित, लम्पट, गर्हित, हेय
  • कूटनीति – छलबल, दाँव-पेंच, घात, कूटयुक्ति, चाल 
  • कुत्ता – कुक्कुर, श्वान, शुनक, सारमेय, श्वा
  • कृतज्ञ – एहसानमन्द, आभारी, ऋणी, उपकृत, अनुगृहीत, कृतार्थ
  • कल्याण – मंगल, भलाई, क्षेम, वचना 
  • कला – फन, हुनर, कौशल, विद्या
  • कन्या – बालिका, कुमारी, कुँआरि, किशोरी, अविवाहिता, अनूढा, बाला, 
  • कबूतर – परेवा, कपोत, रक्तलोचन, हारीत, पारावृत
  • कटाक्ष – आक्षेप, व्यग्य, छींटाकशी
  • कच्चा – अनपका, कालपूर्व, अपक्व, अपरिपुष्ट, अप्रौढ, 
  • कपड़ा – वस्त्र, चीर, अंबर, पट, परिधान, दसन
  • कथन – कथनी, बयान, मत, विचार, वक्तव्य, 
  • कटु – कडवा, तीखा, कठोर, कडा, तेज, रूखा, रुक्ष, तीक्ष्ण, चरपाए, कर्कश, पेरुष
  • कल्पवृक्ष – पारिजात, हरिचन्दन, कल्पशाल, देववृक्ष, सुरतरु, मन्दार, कल्पतरू, कल्पद्रुम
  • कई – अनेक, कई-एक एकाधिक, नाना, विविध
  • कली – कलिका, अँखुवा, कोपल, मुकुल, कल्पशाल, नवपल्लव, जालक, ताम्रपल्लव,  
  • कण्ठ – ग्रीवा, गला, शिरोधरा
  • कर – हाथ, बाँह, भुज, हस्त, पाणि

कलम से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Kamal Ka Paryayvachi Shabd

कलम- कलम को पेन कहते हैं। जिससे हम लिखते हैं। पेन एक ऐसी चीज है। जो हमें लिखने में मदद करती है पेन में स्याही होती है। जब पेन से लिखते हैं तो स्याही पेन से निकलकर कागज पर हमारी लिखने में सहायता करती है और जिस तरह हम लिखना चाहते हैं। उस तरह लिख सकते हैं। पेन के आगे एक नोक होती है। जो कि किसी धातु के बने होते हैं जैसे- पीतल, लोहा या स्टील जैसी चीजों से बनी होती हैं और उसके अंदर बहुत छोटा सा छेद होता है। जिसमें से स्याही धीरे-धीरे से निकलकर बाहर आती है और इस तरह से पेन चलता है।

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