जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं? परिभाषा व उदाहरण | JatiVachak Sangya Kise Kahate Hain

स्वागत है दोस्तों आज की नई पोस्ट जातिवाचक संज्ञा – JatiVachak Sangya में, मैं आज बात करने वाला हूं की जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं? (JatiVachak Sangya kise kahate hain) संज्ञा की परिभाषा, उदाहरण व भेद के माध्यम से आज हम इस पोस्ट को पढ़ेंगे। तो हम देरी न करके इस पोस्ट को समझने की कोशिश करते हैं।

आज की यह पोस्ट मैंने इस प्रकार से तैयार की है कि चाहे आप जिस भी क्लास में पढ़ रहे हैं आप इसे आसानी से पढ़कर समझ सकते हैं इसमें मैं परीक्षा में आए हुए सभी जातिवाचक संज्ञा (JatiVachak Sangya) को शामिल किया है। हो सकता है आपकी भी परीक्षा में इन्हीं में से ही पूछा जाए।
jativachak sangya kise kahate hain

जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा – Jativachak Sangya Ki Paribhasha

जिस शब्द अथवा नाम से किसी व्यक्ति अथवा वस्तु के समस्त जाति का बोध होता है उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।
जैसे : भाई पुस्तक भूकंप बिजली किस मनुष्य पर्वत घर नदी तूफान आदि।

जातिवाचक संज्ञा कौन-कौन सी होती हैं?

संबंधियों व्यवसायो पदों और कार्यों के नाम : भाई बहन पिता वकील पुरुष डॉक्टर अध्यक्ष किशन मास्टर मजदूर आदि।

पशु पक्षियों के नाम : गाय, भैंस, घोड़ा, गधा, तोता, मैना, कबूतर, मोर, गौरैया आदि।

वस्तुओं के नाम : मकान, कुर्सी, मेज, पुस्तक आदि।
प्राकृतिक तत्वों के नाम : बिजली, आंधी, तूफान, वर्षा, भूकंप, ज्वालामुखी, सुनामी आदि।

जातिवाचक संज्ञा की पहचान

जटवाचक संज्ञा सदैव बहुवचन और दृश्य होती है। यदि बहुवचन नहीं है तो इसे बहुवचन बनाया जा सकता है।

जैसे : आज के इस युग में जयचंदो की कमी नहीं है यहां जयचंदो किसी व्यक्ति का नाम न होकर विश्वास घाती व्यक्तियों के समस्त जाति का बोधक है।

जातिवाचक संज्ञा और भाववाचक संज्ञा में अंतर

जातिवाचक संज्ञा : कवि, स्त्री, नदी, नगर, पर्वत
व्यक्तिवाचक संज्ञा : सूरदास, राधा, यमुना, प्रयागराज, हिमालय

पर्वत : पर्वत कहने से सभी प्रकार के पर्वतों का नाम आ गया है। फिर चाहे वह ब्लॉक पर्वत हो चट्टानी या ज्वालामुखी के पर्वत थी क्यों ना हो, (पर्वत कहने से) सभी प्रकार के पर्वतों का बोध हो गया है।

घोड़ा गाय भैंस : घोड़ा, गाय व भैंस कहने से विश्व में जितने भी घोड़ा गए वह भैंस है उन सभी का बोध हो जाता है। फिर चाहे वह हरे, नीले, पीले, छोटे, बड़े क्यों न हो।

नदी : नदी कहने से सभी विश्व की नदियों का बोध हो जाता है फिर चाहे वह कितनी बड़ी हो या फिर चाहे कितनी ही छोटी हो वह मीठे पानी की हो या खारे पानी की नदी कहने से सबका बोध हो जाता है।

भाई : भाई कहने से विश्व के मौजूद सभी भाइयों का बोध हो जा रहा है फिर चाहे वह किसी का ही भाई हो राहुल, सीता का भाई हो या जेम्स, जूली का भाई हो।

पुस्तक : पुस्तक खाने से सभी प्रकार के पुस्तकों का नाम आ जाता है फिर फिर चाहे वह हिंदी पुस्तक हो या अंग्रेजी की चाहे संस्कृत की ही क्यों ना हो।

जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण – Jativachak Sangya Ke Udaharan

• राकेश शहर गया है।
• अमित नई गाड़ी लाया है।

• राकेश शहर गया है। : यहां यहां पर इस वाक्य में राकेश शहर गया है परंतु किस शहर गया है इस बात का वर्णन नहीं है समस्त शहरों का वर्णन है।

इसी प्रकार से अमित गाड़ी लाया है। परंतु कौन सी गाड़ी लाया है दो पहिया गाड़ी लाया है या चार पहिया गाड़ी लाया है यहां तो समस्त गाड़ियों की जाति का वर्णन हो रहा है इसीलिए यह जातिवाचक संज्ञा कहलाएगा।

• आपको कुत्ता पसंद है।
• शुभम को घोड़ा पसंद है।

इस वाक्य में घोड़ा कुत्ता की समस्त जाति का बोध किया गया है फिर चाहे वह कुत्ता लाल काला पीला नीला कोई सा भी हो सकता है इसी कारण इसे भी जातिवाचक संज्ञा कहेंगे।

• राकेश फल खाता है।

इस वाक्य में राकेश फल खाता है। परंतु वह कौन सा फल खाता है। सेब, संतरा आम अंगूर सभी फलों का समस्त जाति का बोध हो रहा है तो यह जातिवाचक संज्ञा कहलाता है।

जातिवाचक संज्ञा के वाक्य – Jativachak Sangya Ke Vakya

• रानी को वकील पसंद है।
• मछली जल की रानी है।
• छात्र डॉक्टर बनना चाहते हैं।
• गाय एक पालतू पशु है।
• किसान फसल काट रहा है।
• शुभम शहर गया है।
• मोर नाच रहा है।

• रामू कुर्सी लाया है।
• बच्चे पुस्तक पढ़ रहे हैं।
• मास्टर हिंदी पढ़ा रहे हैं।
• छात्र पुलिस बनना चाहते हैं।
• छात्र पढ़ रहे हैं।
• किसान फल खरीद रहा है।
• अमित नई गाड़ी लाया है।

• राकेश शहर गया है।
• संजय को घोड़ा पसंद है।
• राम फल खाता है।
• पिता बाजार गए हैं।
• संध्या को सोने के आभूषण पसंद है।
• अक्षय कुमार टीवी एक्टर हैं।
• वह घोड़े पर सवार था।

• महेंद्र सिंह धोनी एक क्रिकेटर है।
• बच्चे नदी में नहा रहे हैं।
• सुदीप ने एक कुत्ता पाला है।
• किसान सबसे ज्यादा मेहनत करता है।
• आंधी व तूफान को बैरोमीटर से मापते हैं।
• भारत की राजधानी दिल्ली है।
• उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है।

• महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाता है।
• पक्षी आकाश में उड़ रहे हैं।
• यह पर्वत सबसे ऊंचा है।
• गाय का दूध सबसे शुद्ध होता है।
• पर्वत का शिखर ऊंचा है।
• पुस्तक पढ़ी जरूर किंतु समझ ना सका।
• मेरे घर में एक चपरासी है।

• नायिका का पति प्रदेश में है।
• पढ़ते हुए मैंने दो कुत्तों को देखा।
• शेर को देखकर उसके प्राण सूख गए।
• मीरा ने एक कविता लिखी।
• मैंने तुम्हारे मित्र से बात की है।
• छात्रों ने अध्यापक को अभिनंदन पत्र प्रदान किया।

• कवियों को कविता करते समय आनंद मिलता है।
• कई कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई।
• मंत्री जी ने छात्रों को एक सभा में भाषण दिया।
• तुम्हारा गांव कौन सा है।
• नदी उफान पर है।

निष्कर्ष

दोस्तों यदि आप किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो जातिवाचक संज्ञा (JatiVachak Sangya) यहीं से ही पूछे जाएंगे आपको धैर्य के साथ इस पोस्ट को पढ़ाना है। मैं इस पोस्ट को परीक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण तैयार किया है या चैप्टर देखने में काफी बड़ा लगता है लेकिन या चैप्टर इतना बड़ा नहीं है जितना आप सोच रहे हो आप बस एक बार थोड़ा सा समझने की जरूरत है बाकी तो यह चैप्टर आपको क्लियर हो जाएगा।

जी हां दोस्तों मैं इस पोस्ट में हिंदी के व्याकरण के संज्ञा शब्दों को बताने के संपूर्ण कोशिश की है यदि आप संज्ञा अन्य भेद को और विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो आप मुझे कमेंट के माध्यम से बताएं मैं आपको संज्ञा के अन्य भेद को अलग से किसी अन्य पोस्ट के माध्यम से लेकर आऊंगा जब तक के आप इस पोस्ट को कंप्लीट कर लें।

स्टूडेंट यदि आपको जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं? (JatiVachak Sangya kise kahate hain) कि यह पोस्ट समझ में आई है तो आप मेरे द्वारा बनाई गई अन्य पोस्ट को पढ़ सकते हैं। मैं संपूर्ण हिंदी व्याकरण को बताया है जाकर आप हिंदी व्याकरण को बिल्कुल ही आसान भाषा में पढ़ सकते हैं।

यदि आपको जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं (JatiVachak Sangya kise kahate hain) या संज्ञा की परिभाषा भेद व उदाहरण यदि आपको किसी भी प्रकार की इस पोस्ट में कोई कमी लगती है या हमें आप कोई सूचना देना चाहते हैं तो आप हमें अवश्य दें मैं आपके बहुमूल्य विचार का इंतजार करूंगा धन्यवाद।

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