हाथ का पर्यायवाची शब्द | Hath Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota hai

हाथ का पर्यायवाची शब्द | Hath Ka Paryayvachi Shabd : हस्त, पाणि, कर, बाहु, भुजाग्र, भुजा, हस्ताक्षर, पंजा, ताश का दांव आदि, आज की नई पोस्ट हाथ का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की हाथ का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही ह से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | ( Hath Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

हाथ का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

हाथ का पर्यायवाची शब्दHath Ka Paryayvachi Shabd
हस्त, पाणि, कर, बाहु, भुजाग्र, भुजा, हस्ताक्षर, पंजा, ताश का दांवHanst, Pandi, Kar, Baahu, Bhujagr, Bhuja, Hastakshar, Panja, Tash ka Danv

 से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • हाथी – गज, गजेन्द्र, हस्ती, कुम्भी, नाग, गयन्द, सिन्धुर, करी, कुजर द्विस्द, दन्सी, मतंग, व्याल, वितुण्ड, द्विप, वारण 
  • हंस – मराल, मुक्तभुक, सरस्वतीवाहन
  • हनुमान – बजरगवली, पवनपुत्र, रामदूत, मारुतिनन्दन, पवनकुमार, पवनसुत, केशरीनंदन, महावीर, मारुततनय, बजांगी, आंजनेय, कपीश, अजनिपुत्र, कपीश्वर 
  • हरि – बन्दर, सिंह, विष्णु, लक्ष्मीपति, त्रिलोकीनाथ, पृथ्वीपति, इन्द्र, पृथ्वीनाथ, चन्द्र
  • हिरन – हरिण, बारहसींगा, मृग, कुरंग, सारंग, सुरभी, चितल
  • हर्ष – आनन्द, खुशी, प्रसन्नता, आमोद, आह्लाद
  • हर्षित – खुश, प्रसन्न, प्रफुल्ल, समर्पण, हस्तान्तरण, आह्लादपूर्ण, प्रमुदित, हवाला अर्पण, सुपुर्दगी, 
  • हार – पराजय, शिकस्स, मात, पराभव
  • हित – भला, भलाई, कल्याण, उपकार, मंगल, 
  • हितैषी – शुभचिन्तक, शुभकामी, मंगलाकाक्षी, हितचितक, शुभेच्छु 
  • हिम – बर्फ, नीहार, तुषार, तुहिन
  • हँसमुख – खुशमिजाज, प्रफुल्ल, प्रसन्नचित्त, जिंदादिल, प्रसन्नवदन, 
  • हँसी – मुस्कान, मजाक, हास्य, मुस्कुराहट, दिल्लगी, स्मिति, विनोद, 
  • हठ – अड, जिद, टेक, दुराग्रह
  • हताश – निराश, मायूस, आशाहीन, आशारहित 
  • हथियाना – हड़पना, कब्जियाना, दखल करना, अधिकार जमाना, दबाना, अधिग्रहण
  • हत्या – कत्ल, खून, वध, जीवधात
  • हिमालय – हिमाञ्चल, गिरिराज, हिमाद्रि, हिमगिरि, हिमपर्ति, नगराज, शैलेन्द्र, नगपति, 
  • हिस्सेदार – साझेदार, भागीदार, अशधारी, अंशभागी
  • हेय – घटिया, तुच्छ, तिरस्कारपूर्ण, नाचीज, अनांदरणीय, उपेक्षापूर्ण, नगण्य, गर्हित 
  • हास – हानि, कमी, घटाव, क्षति, गिरावट, क्षय, न्यूनता

हाथ से जुडे कुछ रोचक तथ्य

हाथ – शरीर में भुजा से लेकर कलाई के नीचे का अंग हाथ कहलाता है।

आत्मनिर्भर व्यक्ति कभी भी किसी पर निर्भर नहीं रहता है। क्योंकि वह अपने हाथों से अपनी मंजिल पर चलना सीख जाता है। 

व्यक्ति को अपने आप पर निर्भर रहना चाहिए क्योंकि दूसरे पर निर्भरता अच्छी नहीं होती है। व्यक्ति को अपने हाथों से कार्य करना चाहिए दूसरे के हाथों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

अपना हाथ जगन्नाथ- व्यक्ति का अपना हाथ जगत के पालन करने वाले भगवान के समान होता है। मतलब जिस तरह व्यक्ति विश्वास भगवान पर करता है। उसी प्रकार अपने हाथों पर करें तो वह कुछ भी कर सकता है। वह अपने हाथों पर भरोसा रख कर परिश्रम करने से कुछ असंभव नहीं होता है।

मनुष्य को अपना काम अपने हाथों से करने की आदत डालनी चाहिए क्योंकि ऐसे व्यक्ति संसार में कभी धोखा नहीं खा सकते हैं।

अपने हाथों काम करने  जीने वाला व्यक्ति कभी भूखा-प्यासा नहीं मरता है।

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