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देवता का पर्यायवाची शब्द | Devta Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

देवता का पर्यायवाची शब्द | Devta Ka Paryayvachi Shabd : अमर, सुर, वसु, आदित्य, देव, ईश्वर, परमात्मा, प्रभु, परमेश्वर, सर्वेश्वर, अनादि, जगदीश, अगोचर, ओम, ईश, अल्लाह, ब्रह्म, अलख आदि, आज की नई पोस्ट देवता का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की देवता का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही द से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | ( Devta Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

Devta ka paryayvachi Shabd kya hota hai
Devta ka paryayvachi Shabd kya hota hai

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

देवता का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

देवता का पर्यायवाची शब्दDevta Ka Paryayvachi Shabd
अमर, सुर, वसु, आदित्य, देव, ईश्वर, परमात्मा, प्रभु, परमेश्वर, सर्वेश्वर, अनादि, जगदीश, अगोचर, ओम, ईश, अल्लाह, ब्रह्म, अलखAmar, Sur, Vasu, Aditya, Dev, Ishwar, Parmatma, Prabhu, parmeshwar, sarveshwar, anahi, Jagdish, agochar, Om, ees, Allah, Braham, alakh

 से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

देवता से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Devta Ka Paryayvachi Shabd

देवता – जिसके हम पूजा करते हैं। जिस पर हम विश्वास रखते हैं। उसे देवता कहते हैं।

जैसे- हमारे धर्म अलग-अलग हैं। उसी प्रकार हमारे देवता भी अलग अलग है। हम अपने अपने देवताओं की पूजा करते हैं।

ऋषि-मुनियों ने सर्वप्रथम चार वेदों की रचना की- ऋग्वेद, समावेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद जिसमें यजुर्वेद सबसे पुराना है।

वैदिक धर्म में देवताओं के मूर्ति जिसकी कल्पना मिलती है।

हिंदू धर्म में कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी के अनुसार अपने देवता का चयन कर सकता है। शास्त्रों में इस व्यवस्था की बात बताई गई थी कि वह अपने कार्य के उद्देश्य के अनुसार भी देवता की उपासना कर सकता है। 

ईश्वर एक है। जिसके अनेक प्रकार के नाम है। धर्म की रक्षा और अधर्म का नाश करने के लिए भगवान बार-बार धरती पर अवतार लेते हैं।

देवी देवताओं की शक्ति एवं सामर्थ के बारे में वेद और पुराणों में वर्णित किया गया है।

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