चांदनी का पर्यायवाची शब्द | Chandni Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

चांदनी का पर्यायवाची शब्द | Chandni Ka Paryayvachi Shabd : अमृत तरंगिणी, चंद्रिका, कौमुदी, चंद्रकला, चंद्रमरीची, ज्योत्सना, कुमुदकला, जुन्हाई, चंद्रतप, अमृतवर्षिणी आदि, आज की नई पोस्ट चांदनी का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की चांदनी का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही च से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | ( Chandni Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

Chandni ka paryayvachi Shabd kya hota hai
Chandni ka paryayvachi Shabd kya hota hai

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

चांदनी का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

चांदनी का पर्यायवाची शब्दChandni Ka Paryayvachi Shabd
अमृत तरंगिणी, चंद्रिका, कौमुदी, चंद्रकला, चंद्रमरीची, ज्योत्सना, कुमुदकला, जुन्हाई, चंद्रतप, अमृतवर्षिणी Amrita Tarangini, Chandrika, Comudi, Chandrakala, Chandramarich, Jyotsna, Kumudkala, Junhai, Chandratap, Amritvarshani

 से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • चाँदनी – चन्द्रिका, चन्द्रकला, कौमुद्री, चन्द्रमरीची, ज्योत्सना, अमृत तरंगिणी, 
  • चश्मा – ऐनक, उपनयन, सहनेत्र, उपनेत्र
  • चंदन – दिव्यगंध, हरिगंध, मलय, दारूसार, मलयज
  • चाँदी – रजत, चन्द्रहास, रूपा, रौप्य, गातरूप, रूपक, रुक्म, नौध 
  • चाटुकारी – चमचागीरी, चापलूसी, मिथ्या प्रशंसा, खुशामद, चिरौरी, 
  • चोर – तस्कर, दस्यु, रजनीचर, कुम्भिल, खनक, मोषक, कभिज, 
  • चोटी – शिखर, शिरोबिन्दु, तुंग, परकोटि, शीश, सानु, श्रृंग
  • चन्द्रमा – शशि, शशांक, मयंक, राकेश, सुधाशु, हिमकर, हिमांशु, सुधाकर, इन्दु, निशानाथ, राकापति, निशिपति, निधि, सुधाकर, निशाकर, विभाकर, विधु, कला निधि, 
  • चमक – प्रकाश, दीप्ति, प्रभा, ज्योति, द्युति, कान्ति, शोभा, छवि, आभा
  • चपला – बिजली, विद्युत, दामिनी, चंचला, तडित 
  • चक्षु – आँख, नेत्र, नयन, लोचन, अक्षि, दृग
  • चतुर – होशियार, निपुण, कुशल, प्रवीण, विज्ञ, दक्ष, पटु, नागर, सयाना, निष्णात

चांदनी से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Chandni Ka Paryayvachi Shabd

चांदनी – यदि हम सुबह सूर्य की रोशनी में उड़ते हैं। तो वह हमारे मस्तिष्क के लिए लाभदायक होता है। और शाम को सूर्य के प्रकाश में बैठने से पूरे दिन की थकान मिट जाती है।

इसी प्रकार सूर्य की रोशनी ऊर्जा देने तथा शाम को थकान मिटाने के काम आती है।

चांद की चांदनी में टहलने से मन की थकान मिट जाती है और मन शांत हो जाता है।

पूर्णिमा की रात में चांद की चांदनी पूरे जमीन पर सफेद चांदी की तरह फैली हुई थी और चमक रही थी।

चांदनी रात में आंखें बंद करने से चांदनी आत्मा में उतर जाती है और बुद्धि शांत रूप से विचरण करने लगती है मन में नए विचार जन्म लेना शुरू हो जाते हैं।

वर्षा होने के बाद में जब आसमान में तारों के साथ साथ चांद की चांदनी चारों तरफ फैलती है। तो वहां रात हमारे मन को आकर्षित कर लेती है और आसमान की सुंदरता को देखकर मन प्रसन्न हो जाता है और मन के थकान मिट जाती है।

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