बिजली का पर्यायवाची शब्द | Bijali Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

बिजली का पर्यायवाची शब्द | Bijali Ka Paryayvachi Shabd : चपला, सौदामिनी, दामिनी, चंपा, धनवल्ली, क्षणप्रभा, विद्युत, चंचला, कांचनवली, अशिन, तडित, बिजुरी आदि, आज की नई पोस्ट बिजली का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की बिजली का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही ब से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | ( Bijali Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

bijali ka paryayvachi Shabd kya hota hai
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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

बिजली का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

बिजली का पर्यायवाची शब्दBijali Ka Paryayvachi Shabd
चपला, सौदामिनी, दामिनी, चंपा, धनवल्ली, क्षणप्रभा, विद्युत, चंचला, कांचनवली, अशिन, तडित, बिजुरीChapala, Saudamini, Damini, Champa, Dhanwalli, Chadprabha, Vidyut, Chanchala, Kanchanwali, Asin, Tadit, Bijuri

ब से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • बिजली – विद्युत, दामिनी, चंचला, चपला, सौदामिनी, चम्पा, तंडित, क्षणप्रभा, अशिन, धनवल्ली, कांचनवली
  • बन्दर – वानर, कपि, हरि, कपीश, शाखामृग, मर्कट, कौश
  • बादल – मेघ, जलधर, जलद, पयोधर, सारंग, नीरद, पयोदि, धर अम्र, जीमूत, वारिधर, बलाधर, परजन्य,
  • वसन्त – ऋतुराज, कुसुमाकर, ऋतुपति, माधव, मधुमास, 
  • बहुत – ज्यादा, अधिक, इफरात, अनेक, असंख्य, अति, अपार, प्रचुर, अत्यन्त, बहुल, प्रभूत, विपुल, अतीव, अपरिमित, अमित, 
  • बुद्धि – अक्ल, समझ, जेहन, मति, प्रज्ञा, मेधा
  • बलात्कार – बलात्सभोग, शीलाघात, शीलहरण, शीलभंग, बल प्रयोग, सतीत्वहरण
  • बलिदान – कुर्बानी, प्राणाहुति, प्राणन्यौछावर, जीवनदान, आत्मोत्सर्ग, प्राणोत्सर्ग
  • बहादुर – वीर, शूर, सूरमा, भट, जवामर्द 
  • बहुतायत – अधिकता, आधिक्य, बहुलता, प्रचुरता, सरसाई 
  • बहेलिया – शिकारी, आखेटक, लुब्धक, अहेरी, व्याघ्र
  • बाण – तीर, तोमर, सायक, शिलीमुख, विशिख, शर, नाराच, इषु, आशुग
  • बुध्दू – मूर्ख, उल्लू, बेअक्ल, गोबर-गणेश, नादान, भोंदू, जड, नासमझ, बुद्धिहीन, मंदमति
  • बुनियाद – नींव, जड़, आधार, मूल
  • बड़ा – विशाल, लम्बा-चौड़ा, वृहत्
  • बेडौल – बदसूरत, कुरूप, बदशक्ल, भद्दा, भौंडा 
  • बेदर्द – निर्दय, दयाहीन, निष्ठुर, निर्मम, क्रूर, अकरुण
  • बेसुध – बेहोश, मूर्च्छित, संज्ञाहीन, अचेत, निश्चेष्ट
  • बेशर्म – बेहया, निर्लज्ज, ढीठ, धृष्ट, चिकना घड़ा
  • बाल – केश, चूडा, शिरोरुह, कच, चिकुर, चूल, कुंतल
  • बाल – बच्चा, लड़का, बालक
  • बालिका – बच्ची, लड़की, कन्या, बाला
  • बारिश – वर्षा, बरसात, बरखा, पावस, वृष्टि, मेह 
  • बियावान – उजाड़, सुनसान, वीरान, जनशून्य, निर्जन
  • बीमारी – मर्ज, रोग, व्याधि
  • बुढ़ापा – वृद्धावस्था, जरा, जीर्णावस्था, वृद्धत्व, वार्द्धक्य
  • बन्धन – बाधा, रोक, कैद, नियंत्रण, रुकावट
  • बचपन – बचपना, लड़कपन, बालपन, बाल्यावस्था, 
  • बलराम – बलदेव, हलधर, बलवीर, हलायुध, श्यामबन्ध, बलभद्र, रोहिणेय, हली,
  • बलवान – ताकतवर, शक्तिशाली, बलशाली, बली, जोरावर, सबल
  • बलवा – दंगा, मार-काट, खून-खराबा, उपद्रव फसाद
  • बगीचा – बाग, उपवन, वाटिका, फुलवारी, उद्यान, निकुज, कुज
  • बेशुमार- असंख्य, अनमिनत, अगणित
  • बोध – समझ, जानकारी, बुद्धि, विवेक, ज्ञान
  • ब्रह्मा – पितामह, विधाता, नाभिजन्मा, कमलासन, चतुरानन, गिरापति, स्वयंभू, प्रजापति, हंसवाहन, विरंचि, विधना, विधि, स्रष्टा, हिरण्यगर्भ, आत्मगू, लोकेश, कर्त्तार, सदानन्द, अण्डज
  • बेटा – पुत्र, पूत, तनुज, तनय, लाल, सून, सुवन, आत्मज, नन्दन
  • ब्रह्माण्ड – संसार, विश्व, दुनिया, जगत्, जगती 
  • ब्राह्मण – भूदेव, भूसुर, द्विज, विप्र, महीसुर

बिजली से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Bijali Ka Paryayvachi Shabd

बिजली- बिजली दो प्रकार की होती है एक जो आसमान में कड़कती है और दूसरे जो वैज्ञानिकों के अविष्कार से बनी हुई है। जो हमें कई प्रकार की सुविधाएं देती है। हमारे जीवन में बिजली बहुत उपयोग में आती है।

  • बिजली हमारे घरों में रात को दिन बना देती है।
  • बिजली की सहायता से हम भोजन बनाते हैं।
  • बिजली की मदद से हम घरों में सफाई भी करते हैं।
  • बिजली से हम कपड़े धोते हैं।
  • बिजली से हमें हवा मिलती है।
  • बिजली की वजह से आज कल गली गली में रौशनी फैली हुई है।
  • बिजली की वजह से बड़े-बड़े कारखाने चलते हैं।
  • चटनी, मसाले, जूस आदि बनाने के लिए बिजली का उपयोग किया जाता है।
  • बिजली का उपयोग कपड़े सिलने के लिए भी किया जाता है।

आजकल ऐसा कोई काम नहीं है। जो हम बिजली के बगैर कर सकते हैं यहां तक खेतों की सिंचाई से लेकर घरों में प्रकाश, खाना बनाना, कपड़े धोना आदि को बिजली की मदद से करते हैं।

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