भाववाचक संज्ञा किसे कहते हैं? परिभाषा व उदाहरण | Bhav Vachak Sangya Kise Kahate Hain

स्वागत है दोस्तों आज की नई पोस्ट भाववाचक संज्ञाBhav Vachak Sangya में, मैं आज बात करने वाला हूं की भाववाचक संज्ञा किसे कहते हैं?(Bhav Vachak Sangya kise kahate hain) संज्ञा की परिभाषा, उदाहरण व भेद के माध्यम से आज हम इस पोस्ट को पढ़ेंगे। तो हम देरी न करके इस पोस्ट को समझने की कोशिश करते हैं।

आज की यह पोस्ट मैंने इस प्रकार से तैयार की है कि चाहे आप जिस भी क्लास में पढ़ रहे हैं आप इसे आसानी से पढ़कर समझ सकते हैं इसमें मैं परीक्षा में आए हुए सभी भाववाचक  संज्ञा (BhavVachak Sangya) को शामिल किया है। हो सकता है आपकी भी परीक्षा में इन्हीं में से ही पूछा जाए।

Bhav Vachak Sangya
भाववाचक संज्ञा किसे कहते हैं

भाववाचक संज्ञा की परिभाषा | Bhav Vachak Sangya Ki Paribhasha

जिस शब्द से किसी वस्तु अथवा व्यक्ति के गुण, दशा, भाव, व्यापार, धर्म, अवस्था, व भाव का बोध होता है उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।
जैसे : क्रोध, दया, सच्चाई, चढ़ाई, दरिद्रता आदि।

भाववाचक संज्ञा बनाने के नियम व पहचान

भाववाचक संज्ञा बनाने व पहचान के लिए कुछ निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग किया गया है इन शब्दों को अंत में प्रत्यय के रूप में लगाते हैं।
जैसे : ई, त्व, ता, पन, हट, वट, पा, क, व, स, न्त

ऊपर☝️ दिए गए कुछ शब्द तथा इनसे बनने वाले कुछ महत्वपूर्ण भाववाचक संज्ञा शब्द है।
लंबाई, महत्व, ममता, बचपन, घबराहट, लिखावट, बुढ़ापा, ठंडक, बचाव, मिठास।

भाववाचक संज्ञा के उदाहरण – Bhav Vachak Sangya Ke Udaharan

• राधा क्रोधी नहीं है।
• आप सब कितने चापलूस हो।
• आपकी दोस्ती को किसी की नजर ना लगे।
• हमारे सैनिकों ने देश के लिए बहुत कुर्बानियां दी हैं।
• बुखार के बाद बहुत सुस्ती लग रही है।
• आपकी आवाज में मिठास होनी चाहिए।
• मेहनत करने वाले छात्र को सफलता जरूर मिलेगी।

ऊपर दिए गए भाववाचक संज्ञा के उदाहरण में क्रोध, चापलूस, दोस्ती, कुर्बानी, सुस्ती, मिठास, सफलता, मानवता इन सभी शब्दों में कोई न कोई भाव उत्पन्न हो रहा है।
क्रोधी में क्रोध का भाव, मिठास में मीठे पान का भाव, मानव में मानवता का भाव है इसी कारण इसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

भाववाचक संज्ञा बनाना

भाववाचक संज्ञा का निर्माण जातिवाचक संज्ञा, व्यक्तिवाचक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया तथा अव्यय में आव, अन, ई, ता, त्व, पन आदि प्रत्यय लगाकर भाववाचक संज्ञाओ का निर्माण किया जाता है।

संज्ञा से भाववाचक संज्ञा बनाना

संज्ञा के साथ प्रत्यय जोड़कर आव, अन, ई, ता, त्व, पन, आई, प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञा का निर्माण किया जाता है।

शिशु + ता = शिशुतापात्र + ता = पात्रता
स्त्री + त्व = स्त्रीत्वचोर + ई = चोरी
देव + त्व = देवत्वपुरुष + त्व = पुरुषत्व
पहाड़ + ई = पहाड़ीव्यक्ति + त्व = व्यक्तित्व
के + वट = केवटमुर्ख + ता = मूर्खता
युवा + अन = यौवनस्त्री + त्व = स्त्रीत्व
शत्रु + ता = शत्रुताकारीगर + ई = कारीगरी

विशेषण से भाववाचक संज्ञा बनाना

विशेषण शब्दों के अंत में , त्व, ता, पन, हट, वट, पा, क, व, स आदि प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञाओं का निर्माण किया जा सकता है।

गुण + ई = गुणीकाला + पन = कालापन
बड़ा + ई = बड़ीएक + त्व = एकत्व
शीघ्र + ता = शीघ्रताधन + ई = धनी
बड़ा + आई = बडाईसुंदर + ता = सुंदरता
एक + ता = एकताअधिक + ता = अधिकता

क्रिया से भाववाचक संज्ञा का निर्माण

क्रिया शब्दों के अंत में , त्व, ता, पन, हट, वट, पा, क, व, स आदि प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञाओं का निर्माण किया जाता है।

पढ़ + ना = पढ़नाखा + ना = खाना
थक + ना = थकनालिख + ना = लिखना
चल + ना = चलनामिल + ना = मिलना

अव्यय से भाववाचक संज्ञाओं का निर्माण

अव्यय शब्दों के अंत में , त्व, ता, पन, हट, वट, पा, क, व, स इत्यादि प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञा का निर्माण किया जा सकता है।

निकट + ता = निकटतासमीप + ता = समीपता
दूर + ई = दूरीशराब + ई = शराबी
शीघ्र + ता = शीघ्रताऊपर + ई = ऊपरी

सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा के उदाहरण

मम + ता = ममतामम + त्व = ममत्व
अपना + पन = अपनापनआप + पा = आपा
निज + ता = निजतानिज + त्व = निजत्व
मम + त्व = ममत्वस्व + त्व = स्वत्व

संज्ञा से भाववाचक संज्ञा के उदाहरण

गुरु = गौरवलड़का = लड़कपन
नर = नरत्वकुमार = कौमार्य
देव = देवत्यबुढ़ा = बुढ़ापा
वधू = वधूत्वसती = सतीत्व
संस्कृति = संस्कारठग = ठगी
ईश्वर = ऐश्वर्यागुरु = गौरव
घर = घरेलूपंडित = पंडिताई
मनुष्य = मनुष्यव्यक्ति = व्यक्तित्व
दानव = दानवतामित्र = मित्रता
मर्द = मर्दानगीचिकित्सक = चिकित्सा
चोर = चोरीविद्वान = विद्वत्ता

विशेषण से भाववाचक संज्ञा के उदाहरण

छोटा = छुटपनवीर = वीरता
प्यास = प्यासाअंध = अधिकार
रोग = रोगीनिर्बल = निर्बलता
दुष्ट = दुष्टतावीर = वीरता
निपुण = निपुणताकठोर = कठोरता
आलसी = आलस्यमीठा = मीठास
गर्म = गर्मीहर = हरियाली
उचित = औचित्यआमिर = अमीरी
काला = कालिमाआवश्यक = आवश्यकता
मूर्ख = मूर्खतासहायक = सहायता
सरल = सरलतामहा = महिमा

क्रिया से भाववाचक संज्ञा के उदाहरण

गान = गानासुनना = सुनवाई
गिरना = गिरावटलिखना = लिखावट
बैठना = बैठकजमना = जमाव
जीवन = जीनासीना = सिलाई
दौड़ना = दौड़हारना = हार
उड़ना = उड़ानचमकाना = चमक
सजाना = सजावटचलना = चाल
पढ़ना = पढ़ाईखेलना = खेल
पूंजना = पूजाजालना = जलन
बोलना = बोलबिकना = बिक्री
थकना = थकानकाटना = काट

भाववाचक संज्ञा के उदाहरण वाक्य

• किसान फसल काट रहा है।
• इस खेल में आपकी हर तय है।
• आपके माल की बिक्री बढ़ गई है।
• राजा के सीने में जलन है।
• राधा पूजा कर रही है।
• अमर खेल रहा है।
• छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
• आप अपनी चाल चलिए।
• घर की सजावट किसने की है।
• दिवाली में अयोध्या चमक रही है।
• आपकी लिखावट अच्छी है।
• शेयर मार्केट में बहुत गिरावट आई है।
• राष्ट्रगान शुरू हो रहा है।
• कमल की बोली बहुत मीठी है।
• मेरा दोस्त बहुत आलसी है।
• आपको हर इंसान की सहायता करनी चाहिए।
• आपको कर खरीदने के लिए कितने पैसों की आवश्यकता है।
• इस प्रकार से बात करके अपनी मरकता का परिचय मत दो।

• गरीबी में जीना बहुत कठिन कार्य है।
• बगीचे में कितनी हरियाली है।
• आज अत्यधिक गर्मी है।
• मुझे अत्यधिक प्यास है।
• यह व्यक्ति बहुत निर्बल है।
• इस पुरस्कार का आप अधिकार रखते हैं।
• अभी आपका लड़कपन है।
• बुढ़ापा सबका बहुत कठिन होता है।
• आपके संस्कार बहुत ही अच्छे हैं।
• चोर ठगी के केस में जेल में है।
• रानी को सारे घरेलू कार्य आते हैं।
• आप हमसे मित्रता करते हैं।
• आपका व्यक्तित्व बहुत ही अच्छा है।
• चोरी किसने की है।

निष्कर्ष

दोस्तों यदि आप किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो भाववाचक  संज्ञा (Bhav Vachak Sangya) यहीं से ही पूछे जाएंगे आपको धैर्य के साथ इस पोस्ट को पढ़ाना है। मैं इस पोस्ट को परीक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण तैयार किया है या चैप्टर देखने में काफी बड़ा लगता है लेकिन या चैप्टर इतना बड़ा नहीं है जितना आप सोच रहे हो आप बस एक बार थोड़ा सा समझने की जरूरत है बाकी तो यह चैप्टर आपको क्लियर हो जाएगा।

जी हां दोस्तों मैं इस पोस्ट में हिंदी के व्याकरण के संज्ञा शब्दों को बताने के संपूर्ण कोशिश की है यदि आप संज्ञा अन्य भेद को और विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो आप मुझे कमेंट के माध्यम से बताएं मैं आपको संज्ञा के अन्य भेद को अलग से किसी अन्य पोस्ट के माध्यम से लेकर आऊंगा जब तक के आप इस पोस्ट को कंप्लीट कर लें।

स्टूडेंट यदि आपको भाववाचक  संज्ञा किसे कहते हैं? (Bhav Vachak Sangya kise kahate hain) कि यह पोस्ट समझ में आई है तो आप मेरे द्वारा बनाई गई अन्य पोस्ट को पढ़ सकते हैं। मैं संपूर्ण हिंदी व्याकरण को बताया है जाकर आप हिंदी व्याकरण को बिल्कुल ही आसान भाषा में पढ़ सकते हैं।

यदि आपको भाववाचक  संज्ञा किसे कहते हैं (Bhav Vachak Sangya kise kahate hain) या संज्ञा की परिभाषा भेद व उदाहरण यदि आपको किसी भी प्रकार की इस पोस्ट में कोई कमी लगती है या हमें आप कोई सूचना देना चाहते हैं तो आप हमें अवश्य दें मैं आपके बहुमूल्य विचार का इंतजार करूंगा धन्यवाद।

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