भाषा – भाषा किसे कहते हैं | Bhasha Kise Kahate Hain

Bhasha kise kahate hain

भाषा की परिभाषा

भाषा वह मध्यम या साधन है जिसके द्वारा एक व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह दूसरे व्यक्ति या दूसरे व्यक्तियों के समूह तक अपने विचारों का आदान प्रदान करता है या विचारों का लेनदेन का माध्यम भाषा है.

इसी संदर्भ में कुछ विशिष्ट भाषा वैज्ञानिकों द्वारा दी गई परिभाषाओं से भाषा का स्वरूप और स्पष्ट हो जाता है

1. भाषा सीमित और व्यक्त ध्वनियों का नाम है जिन्हें हम अभिव्यक्ति के लिए संगठित करते हैं –क्रोचे
2. भाषा मनुष्यों के बीच संचार विभाग के माध्यम के रूप में एक प्रतीक व्यवस्था है– बेंद्रे

3. मनुष्य और मनुष्य के बीच वस्तुओं के विषय में अपनी इच्छा और मति आदान प्रदान करने के लिए व्यक्त ध्वनि संकेतों का जो व्यवहार होता है उसे भाषा कहते हैं – डॉ श्याम सुंदर दास

4.जिन ध्वनि चिन्हों द्वारा मनुष्य परस्पर विचार विनिमय करता है उसको समष्टि रूप से भाषा कहते हैं– doctor Babu Ram Saxena
5. उच्चारित ध्वनि संकेतों की सहायता से भाव या विचार के पूर्ण अथवा जिसकी सहायता से मनुष्य परस्पर विचार विनिमय या सहयोग करते हैं उस यादृच्छिक रुढ ध्वनि संकेत की प्रणाली को भाषा कहते हैं — Acharya Devendra nath Sharma

6. भाषा मनुष्यों के उस चेष्टा या व्यापार को कहते हैं जिससे मनुष्य अपने उच्चारणोपयोगी शरीर अवयवों से उच्चारित किए गए वर्णनात्मक या व्यक्त शब्दों द्वारा अपने विचारों को प्रकट करते हैं_–डॉक्टर मंगल देव शास्त्री

7. भाषा उच्चारण अवयवों से उच्चारित यादृच्छिक dhanpatiko ध्वनिप्रतीकों कि वह व्यवस्था है जिसके द्वारा किसी भाषा समाज के लोग आपस में विचारों का आदान प्रदान करते हैं – डॉ भोलानाथ तिवारी

ऊपर लिखी परिभाषा से यह निष्कर्ष निकलता है कि भाषा सामाजिक मनुष्यों के भाव एवं विचारों के आपस में आदान-प्रदान करने का माध्यम है

भाषा का मूल रूप क्या है की परिभाषा

भाषा शब्द का निर्माण संस्कृत की भाष धातु से हुआ है भाषा का शाब्दिक अर्थ होता है विचार प्रकट करना

भाषा की विशेषताएं

1. भाषा एक अर्जित संपत्ति है
2. भाषा का अंतिम स्वरूप नहीं है
3. भाषा प्रतीकात्मक है
4. भाषा ध्वनिमय है
5. भाषा की क्षेत्रीय सीमा होती है
6. भाषा का संबंध मनुष्य से है
7. भाषा परिवर्तनशील है
8.भाषा का स्वरूप कठिन से सरल की तरफ होता है

भाषा के कितने रूप होते हैं |bhasha ke kitne roop hote Hain | भाषा के कितने भेद होते हैं

भाषा के रूप–: प्रत्येक देश में भाषा के मुख्य तथ्य उभरकर सामने आते हैं जो निम्नलिखित हैं

1. बोलियां
2. परिनिष्ठित भाषा
3. राष्ट्रभाषा

बोलियां-:

भाषा के जिन रूपो का प्रयोग साधारण जनता अपने समूह या घरों में करती है उसे बोली कहते हैं भारत में कुल मिलाकर लगभग 650 बोलियां बोली जाती हैं जो देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रचलित हैं

पश्चिमी हिंदी :

ब्रज बांगर खड़ी बोली बुंदेलखंडी तथा कन्नौज बोलियां उत्तर प्रदेश के मेरठ मुरादाबाद रामपुर सहारनपुर मुजफ्फरनगर बिजनौर आदि जिलों और हरियाणा प्रदेश में बोली जाती है

पूर्वी हिंदी–: अवधि बघेली और छत्तीसगढ़ी आदि
बिहारी –: भोजपुरी मगही मैथिली अंगिया आदि
राजस्थानी :– मारवाड़ी मेवाती आदि

परिनिष्ठित भाषा  -: किसी बोली को जब व्याकरण से परिष्कृत किया जाता है तब वह परिनिष्ठित भाषा बन जाती है आज की खड़ी बोली हिंदी लगभग 200 साल पहले एक बोली ही तो थी आज हिंदी पर परिनिष्ठित भाषा है

राष्ट्रभाषा -: किसी भी देश की परिनिष्ठित भाषा जब व्यापक रूप से बहुसंख्यक जनता द्वारा व्यवहार में ग्रहण कर ली जाती है तब आगे चलकर राजनीतिक और सामाजिक शक्ति के आधार पर राष्ट्रभाषा का स्थान पा लेते हैं

Bhasha kitne prakar ki hoti hai | भाषा कितने प्रकार के होते हैं

भाषा के प्रकार :– भाषा के निम्न लिखित रूप से तीन प्रकार होते हैं
1. मौखिक भाषा
2. लिखित भाषा
3. संकेतिक भाषा

मौखिक भाषा किसे कहते हैं

मौखिक भाषा की परिभाषा: जब व्यक्ति अपने विचारों का आदान-प्रदान बोलकर करता है और प्राप्तकर्ता उसे सुनकर प्राप्त करता है उसे मौखिक भाषा कहते हैं

मौखिक भाषा के उदाहरण: रेडियो से समाचार सुनना, फोन से बात करना,
नेता द्वारा सभा को संबोधित करना आदि

लिखित भाषा किसे कहते हैं | Likhit Bhasha Kise Kahate Hain

लिखित भाषा : यदि कोई भाषा हमारे पास लिखकर आ रही है और हम उसे पढ़ रहे हो तो उसे लिखित भाषा कहते हैं

लिखित भाषा के उदाहरण: पत्र पत्रिकाएं , पाठ्य पुस्तकें , समाचार पत्र

सांकेतिक भाषा किसे कहते हैं | sanketik Bhasha kise kahate Hain

सांकेतिक भाषा : जब व्यक्ति संकेत या इशारों से अपने माध्यम से आदान प्रदान करता है संकेतिक भाषा होगी

सांकेतिक भाषा के उदाहरण: संकेत रोड के , हॉर्न, जब तक स्पष्ट ध्वनि ना सुनाई दे

– मौखिक भाषा सबसे सरल होती है
–सांकेतिक भाषा सबसे कठिन होती है

राजभाषा किसे कहते हैं | Rajbhasha kaise kahate Hain

जिस भाषा में शासन का कामकाज संपादित होता है उसे राजभाषा कहते हैं सम्राट अशोक के शासनकाल के समय में पालि राजभाषा थी

संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएं शामिल हैं आरंभ में 14 भाषाओं को इस सूची में सम्मिलित किया गया जो निम्न है

1. असमिया
2. बांग्ला
3. गुजराती
4. हिंदी
5. कन्नड़
6. कश्मीरी
7. मलयालम
8. मराठी
9. उड़िया
10. पंजाबी
11. संस्कृत
12. तमिल
13. तेलुगू
14. उर्दू
21वें संशोधन के अंतर्गत वर्ष 1967 15वीँ भाषा के रूप में सिंधी को जोड़ा गया ।

71 वें संविधान संशोधन के अंतर्गत वर्ष 1992 में 16वीँ भाषा के रूप में कोंकणी तथा 17वीं भाषा के रूप में मणिपुरी और 18वीं भाषा के रूप में नेपाली भाषा को शामिल किया गया।
संविधान के अनुच्छेद 343 से 351 तक राजभाषा के निर्देशों का उल्लेख है

भारत की राजजभाषा हिंदी और अंग्रेजी दोनों हैं क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 120 की, धारा 1, भाग 17 के अनुसार अनुच्छेद 348 के उपबंधों के अधीन संसद का कार्य हिंदी या अंग्रेजी में किया जाता है वर्ष 1963 और 1967 में राजभाषा अधिनियम द्वारा हिंदी के साथ अंग्रेजी को सदा के लिए राजभाषा बना दिया गया

       बोली किसे कहते हैं | Boli kise kahate Hain

बोली -: राज्य के 1, 2 जिले या छोटे से क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा को बोली कहते हैं बोलियो में सहित रचना नहीं होती

  1. पश्चिमी क्षेत्र के बोलियां :

1.खड़ी बोली/कौरवी
2. ब्रजभाषा
4. बुंदेली,
5. बांगरू हरियाणवी
6. कन्नौजी

पूर्व क्षेत्र की बोलिया :- अवधि ,बघेली ,छत्तीसगढ़ी

राजस्थानी क्षेत्र की बोलियां :-

पश्चिमी राजस्थानी
पूर्वी राजस्थानी
उत्तरी राजस्थानी
दक्षिणी राजस्थानी

पहाड़ी क्षेत्र की बोलियां :-

पश्चिमी पहाड़ी
मध्यवर्ती पहाड़ी

बिहार क्षेत्र की बोलियां :-

मगही , भोजपुरी, Maithili

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