बगीचा का पर्यायवाची शब्द | Bagicha Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

बगीचा का पर्यायवाची शब्द | Bagicha Ka Paryayvachi Shabd : उपवन, कुंज, बाग, निकुंज, फुलवारी, वाटिका, उद्यान आदि, आज की नई पोस्ट बगीचा का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की बगीचा का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही ब से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | ( Bagicha Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

bagicha ka paryayvachi Shabd kya hota hai
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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

बगीचा का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

बगीचा का पर्यायवाची शब्दBagicha Ka Paryayvachi Shabd
उपवन, कुंज, बाग, निकुंज, फुलवारी, वाटिका, उद्यानUpavan, Kunj, Bagh, Nikunj, Phulwari, Vatika, Udyan

 से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

• बगीचा – बाग, उपवन, वाटिका, फुलवारी, उद्यान, निकुज, कुज

  • बलात्कार – बलात्सभोग, शीलाघात, शीलहरण, शीलभंग, बल प्रयोग, सतीत्वहरण
  • बलिदान – कुर्बानी, प्राणाहुति, प्राणन्यौछावर, जीवनदान, आत्मोत्सर्ग, प्राणोत्सर्ग
  • बहादुर – वीर, शूर, सूरमा, भट, जवामर्द 
  • बहुतायत – अधिकता, आधिक्य, बहुलता, प्रचुरता, सरसाई 
  • बहेलिया – शिकारी, आखेटक, लुब्धक, अहेरी, व्याघ्र
  • बाण – तीर, तोमर, सायक, शिलीमुख, विशिख, शर, नाराच, इषु, आशुग 
  • बाल – केश, चूडा, शिरोरुह, कच, चिकुर, चूल, कुंतल
  • बाल – बच्चा, लड़का, बालक
  • बालिका – बच्ची, लड़की, कन्या, बाला
  • बारिश – वर्षा, बरसात, बरखा, पावस, वृष्टि, मेह 
  • बियावान – उजाड़, सुनसान, वीरान, जनशून्य, निर्जन
  • बीमारी – मर्ज, रोग, व्याधि
  • बुढ़ापा – वृद्धावस्था, जरा, जीर्णावस्था, वृद्धत्व, वार्द्धक्य
  • बुध्दू – मूर्ख, उल्लू, बेअक्ल, गोबर-गणेश, नादान, भोंदू, जड, नासमझ, बुद्धिहीन, मंदमति
  • बुनियाद – नींव, जड़, आधार, मूल
  • बड़ा – विशाल, लम्बा-चौड़ा, वृहत्
  • बेडौल – बदसूरत, कुरूप, बदशक्ल, भद्दा, भौंडा 
  • बेदर्द – निर्दय, दयाहीन, निष्ठुर, निर्मम, क्रूर, अकरुण
  • बेसुध – बेहोश, मूर्च्छित, संज्ञाहीन, अचेत, निश्चेष्ट
  • बेशर्म – बेहया, निर्लज्ज, ढीठ, धृष्ट, चिकना घड़ा 
  • बेशुमार- असंख्य, अनमिनत, अगणित
  • बोध – समझ, जानकारी, बुद्धि, विवेक, ज्ञान
  • ब्रह्मा – पितामह, विधाता, नाभिजन्मा, कमलासन, चतुरानन, गिरापति, स्वयंभू, प्रजापति, हंसवाहन, विरंचि, विधना, विधि, स्रष्टा, हिरण्यगर्भ, आत्मगू, लोकेश, कर्त्तार, सदानन्द, अण्डज
  • बेटा – पुत्र, पूत, तनुज, तनय, लाल, सून, सुवन, आत्मज, नन्दन
  • ब्रह्माण्ड – संसार, विश्व, दुनिया, जगत्, जगती 
  • ब्राह्मण – भूदेव, भूसुर, द्विज, विप्र, महीसुर
  • बिजली – विद्युत, दामिनी, चंचला, चपला, सौदामिनी, चम्पा, तंडित, क्षणप्रभा, अशिन, धनवल्ली, कांचनवली
  • बन्दर – वानर, कपि, हरि, कपीश, शाखामृग, मर्कट, कौश
  • बादल – मेघ, जलधर, जलद, पयोधर, सारंग, नीरद, पयोदि, धर अम्र, जीमूत, वारिधर, बलाधर, परजन्य,
  • वसन्त – ऋतुराज, कुसुमाकर, ऋतुपति, माधव, मधुमास, 
  • बहुत – ज्यादा, अधिक, इफरात, अनेक, असंख्य, अति, अपार, प्रचुर, अत्यन्त, बहुल, प्रभूत, विपुल, अतीव, अपरिमित, अमित, 
  • बुद्धि – अक्ल, समझ, जेहन, मति, प्रज्ञा, मेधा
  • बन्धन – बाधा, रोक, कैद, नियंत्रण, रुकावट
  • बचपन – बचपना, लड़कपन, बालपन, बाल्यावस्था, 
  • बलराम – बलदेव, हलधर, बलवीर, हलायुध, श्यामबन्ध, बलभद्र, रोहिणेय, हली,
  • बलवान – ताकतवर, शक्तिशाली, बलशाली, बली, जोरावर, सबल
  • बलवा – दंगा, मार-काट, खून-खराबा, उपद्रव फसाद

बगीचा से जुडे कुछ रोचक तथ्य

बगीचा- बगीचे में कई प्रकार के रंग बिरंगे फूल होते हैं। जिसे देख कर हमारे मन को शांति का अनुभव होता है। बगीचे से हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्राप्त होती है। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है। बगीचे में सुंदर सुंदर फूल होते हैं। जिनपर बैठी रंग बिरंगी तितलियां फूलों का रस चूस रही होती हैं और भंवरे की गुंजन कर रहे होते हैं।

बगीचे में हम अपने मन की सब्जियां, फल पैदा कर सकते हैं और बगीचे से उत्पन्न सब्जियां हमें सुंदर प्राप्त होती हैं। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।

हमें भी एक सुंदर बगीचे का निर्माण करना चाहिए। जिसके चारों तरफ रंग बिरंगे फूल हो और उसके चारों तरह कई प्रकार के सुंदर-सुंदर पेड़ पौधे हो। जिसे देखते ही हमारा मन प्रसन्न हो जाए।

बगीचे में सुबह-सुबह चिड़ियों की चहचहाट सुबह मन को प्रसन्न कर देती है। सुबह बगीचे में लोग टहलने के लिए आते हैं और बगीचे के चारों ओर सुंदर फूलों को देख कर मन आनंदित हो जाता है।

बगीचे से उत्पन्न फल फूल पूजा पाठ में उपयोग किए जाते हैं। इन सुंदर और सुगंधित फूलों से घरों की सजावट भी की जाती है।

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