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बादल का पर्यायवाची शब्द | Badal Ka Paryayvachi Shabd

बादल का पर्यायवाची शब्द | Badal Ka Paryayvachi Shabd : मेघ, जीमूत, पयोधर, घन,नीरज, जलधर, अम्बुज, वारिद, धर, अभ्र,पयोधि, बलाधर, वारिधर, जलद, परिजन्य, सारंग, जलचर, मेघमाला आदि, आज की नई पोस्ट बादल का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की बादल का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही ब से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | (Badal Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

Badal ka paryayvachi Shabd kya hota hai.png
Badal ka paryayvachi Shabd kya hota hai.png

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

बादल का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

बादल का पर्यायवाची शब्दBadal Ka Paryayvachi Shabd
मेघ, जीमूत, पयोधर, घन,नीरज, जलधर, अम्बुज, वारिद, धर, अभ्र,पयोधि, बलाधर, वारिधर, जलद, परिजन्य, सारंग, जलचर, मेघमाला, मेघावली, पयोधर, धराधर, वारिवाह, बलाहक, धनमाला, कादंबिनी, घनश्याम, घटाMegh, Jimut, Payodhar, Ghan, Neeraj, Jalandhar, Ambuj, Varid, Dhar, Abhr, Prayodhi, Baladhar, Varidhar, Jalad, Parijany, Sarang, Jalchar, Meghmala, Meghawali, Payodhar, Dharadhar, Vahrevah, Blahack, Dhan Mala, Kadambini, Ghanshyam, Ghatta

से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

बादल से जुडे कुछ रोचक तथ्य

बादल – आज आसमान में ‘बादल’ है।

जलधर – ऐसे बादल जो जल धारण किए हैं। बस बरसने वाले हैं।

जलद – ऐसे बादल जो जल से भरे हैं।

घनमाला – बादलों का समूह घनमाला कहलाता है।

बादल कैसे बनते हैं –

सूर्य की अधिक गर्मी के कारण तालाबों नदियों, झील या समुद्र का पानी वाष्प बनकर हवा में उड़ जाता है। वाष्पयुक्त हवा हल्की होने के कारण आकाश में ऊपर उड़ती रहती है। अधिक वाष्प वाली हवा जब एक जगह इकट्ठा होती है। जब अधिक मात्रा में यह इकट्ठा होती है। तो यह बादल बन जाती है।

इन बादलों में जब वायु में उपस्थित कण, नमक, धुंआ मिलता है तो वह बादल बूंदों में परिवर्तित होकर बारिश करने लगता है।

बादल निम्नलिखित चार प्रकार के होते हैं-

  1. पश्चाब मेद्य(cirrus) – ये बादल बहुत ऊंचाई पर होते हैं इनका रंग सफेद होता है। इनकी ऊंचाई पृथ्वी से 8000 से 11000 मीटर तक होते हैं। ये बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़ों से मिलकर बनते हैं।
  2. Stratus – यह बादल पृथ्वी से लगभग 2438 मीटर (8ft.) की ऊंचाई पर बनते हैं। यह कोहरे की परत जैसे होते हैं।
  3. कपासी मेद्य (cumulus) – यह बादल कपास की तरह होते हैं इनकी ऊंचाई पृथ्वी से 1219 से 1524 मीटर तक होती है।
  4. वर्षा मेद्य (Nimbostratus)- यह बादल सबसे कम ऊंचाई पर बनने वाले बादल हैं। यह गहरे भूरे या काले रंग के होते हैं। इन्हीं बादलों से वर्षा होती है।
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