अंधकार का पर्यायवाची शब्द | Andhkar Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

अंधकार का पर्यायवाची शब्द | Andhkar Ka Paryayvachi Shabd : तम, तिमिश्रा, तिमिर,ध्वान्त, अंधियारा, अंधेरा, अस्पष्टता, अंतःकोप, संध्या, सांक्ष, धुंध, कामिमा, उदासी, म्लानता, श्यामत्व, तमस आदि, आज की नई पोस्ट अंधकार का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की अंधकार का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही अ से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | ( Andhkar Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

andhkar ka paryayvachi Shabd kya hota hai
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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

अंधकार का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

अंधकार का पर्यायवाची शब्दAndhkar Ka Paryayvachi Shabd
तम, तिमिश्रा, तिमिर,ध्वान्त, अंधियारा, अंधेरा, अस्पष्टता, अंतःकोप, संध्या, सांक्ष, धुंध, कामिमा, उदासी, म्लानता, श्यामत्व, तमसTam, Timishra, Timir, Dhvant, Andhiyara, Andhera, Aspashta, Antakop, Sandhya, Sanj, Dhundh, Kamima, Udasi, Mlanta, Shyamatv, Tamasha

अ से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • अमृत – सोम, अमिय, सुधा, पीयुष, अभी
  • अग्नि – आग, अनल, पावक, दव, ज्वाला, ज्वलन, धूम्रकेतु, धंन्नजय, जातदेव, हुताशन, वैश्वानर, वायुसख, दहन, • कृषानु, रोहिताश्व्, वहिन 
  • अश्व – घोडा, तुरंग, घोटक, हय, बाजि, रविसुत सैंधव
  • अचल – गिरि, शैल, नग, महिधर, आद्रि 
  • अचला – पृथ्वी, धरती, क्षिति, वसुन्धरा, वसुधा, धरा
  • अक्षर – वर्ण, मोक्ष, शिव, ब्रम्हा 
  • अतिथि – मेहमान, पाहुन, आगुन्तुक, अभ्यागत
  • अंक – संख्या, नाटक का एक भाग, हृदय, गोद, सर्ग
  • अनार- दाडिम, शुकप्रिय, रामबीज 
  • अंधा – नेत्रहीन, सूरदास, अन्ध, चक्षुविहिन, प्रज्ञाचक्षु
  • अनुवाद – भाषान्तर, उल्था, तर्जुमा ।
  • अन्वेषण – खोज, जाँच, शोध, गवेषण, अनुसंधान
  • असुर – राक्षस, दानव, दैत्य, तमीरचर, सुरारि, दनुज, निशाचर, रजनीचर, यातुधान, 
  • अज – बकरा, ब्रम्हा, ईश्वर, दशरथ के जनक 
  • अनाज- अन्न, गल्ला, शस्य, धान्य
  • अच्छा – बढ़िया, चोखा, उम्दा, आला, घणा 
  • अंश – भाग, हिस्सा, भंग, अवयव 
  • अध्यापक – शिक्षक, गुरु, आचार्य, प्रवक्ता, व्याख्याता
  • अपराध – जुर्म, दोष, कसूर, 
  • अप्सरा – सुरसुन्दरी, देवांगना, सुरबाला, दिव्यांगना, देवबाला 
  • अपार – बेशुमार, असीम, अनन्त, बेहद, निस्सीम
  • अधिकार – हक, स्वामित्व, प्रभुत्व, स्वत्व, आधिपत्य अचेत – बेहोश, मूर्च्छित, बेखबर, संज्ञाहीन, चेतनाहीन
  • अभिप्राय – अर्थ, मतलब, मायने, तात्पर्य, आशय
  • अपमान – बेइज्जती, अनादर, तिरस्कार, निरादर, अवमान, अवज्ञ, उपेक्षा, 
  • अरण्य – जंगल, वन, विपिन, अटवी, कानन, 
  • अंग – देह, तन, शरीर, कलेवर, अवय, वयु, काया
  • अनुपम – अनोखा, अद्भूत, अनूठा, अद्वितीय, अपूर्व, 
  • अनेक – कई, एकाधिक, नाना
  • अभिजात – श्रेष्ठ, उच्च, पूज्य, कुलीन 
  • अधर – ओष्ठ, ओठ, रदच्छद, रदपुट
  • अर्थ – धन, अभिप्राय, हेतु
  • अरुण – सूर्य, सिन्दूर

अंधकार से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Andhkar Ka Paryayvachi Shabd

अंधकार – श्री राम जी के वनवास जाने से अयोध्या में अंधकार छा गया।

बहुत से लोग अंधेरे में डरते है और खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। अगर आप खुद को ऐसा बना लेते हैं कि आप में किसी भी प्रकार का डर नहीं बचे। तब आप में अंधकार और प्रकाश को एक अलग तरह से समझने की काबिलियत आ जाती है।

हम ईश्वर को हमेशा प्रकाश के रूप में बताना चाहिए क्योंकि प्रकाश से हर चीज आकर स्पष्ट दिखाई देती है। लेकिन जब आपका अनुभव बुद्धि की सिमाओं को पार करना शुरू करता है। तब हम ईश्वर को अंधकार के रूप में बताते हैं।

अंधकार सर्वव्यापी है। लेकिन आप अंधकार को नकारात्मक समझते हैं। यह सिर्फ आपके भीतर बैठे हुए भय के कारण है। अस्तित्व में हर चीज अंधकार से पैदा होती है।

विज्ञान में आपके लिए यह साबित कर दिया है और आपके धर्म हमेशा से यही कहते आ रहे हैं- ईश्वर सर्वव्यापी है। शिव अंधकार की तरह सांवरे हैं क्या आप जानते हैं कि शिव शाश्वत क्यों हैं। क्योंकि वे अंधकार हैं।

अंधकार के बिना जीवन संभव नहीं है हर एक रात के बाद दिन होता है उसी प्रकार अंधेरे के बाद उजाला होता है।

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