अभिमान का पर्यायवाची शब्द | Abhimaan Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

अभिमान का पर्यायवाची शब्द | Abhimaan Ka Paryayvachi Shabd : दंभ, अहंकार, गौरव, मान, घमंड,  स्वाभिमान, अहं, अस्मिता, गर्व, नाज, दर्प, अहमिका, मिथ्याभिमान, मद, गुरुर, गुमान, मगरूरी, मदांधता आदि, आज की नई पोस्ट अभिमान का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की अभिमान का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही अ से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | ( Abhimaan Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

Abhimaan ka paryayvachi Shabd kya hota hai
Abhimaan ka paryayvachi Shabd kya hota hai

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

अभिमान का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

अभिमान का पर्यायवाची शब्दAbhimaan Ka Paryayvachi Shabd
दंभ, अहंकार, गौरव, मान, घमंड,  स्वाभिमान, अहं, अस्मिता, गर्व, नाज, दर्प, अहमिका, मिथ्याभिमान, मद, गुरुर, गुमान, मगरूरी, मदांधताDambh, Ahankaar, Gaurav, Man, Ghamand, Swabhiman, Aham, Asmita, Garv, Naj, Darp, Ahmika, Mithyabhiman, mad, Guroor, Guman, Madhuri, Madandhata

 से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • अंक – संख्या, नाटक का एक भाग, हृदय, गोद, सर्ग
  • अनार- दाडिम, शुकप्रिय, रामबीज 
  • अंधा – नेत्रहीन, सूरदास, अन्ध, चक्षुविहिन, प्रज्ञाचक्षु
  • अनुवाद – भाषान्तर, उल्था, तर्जुमा ।
  • अपराध – जुर्म, दोष, कसूर, 
  • अप्सरा – सुरसुन्दरी, देवांगना, सुरबाला, दिव्यांगना, देवबाला 
  • अपार – बेशुमार, असीम, अनन्त, बेहद, निस्सीम
  • अधिकार – हक, स्वामित्व, प्रभुत्व, स्वत्व, आधिपत्य अचेत – बेहोश, मूर्च्छित, बेखबर, संज्ञाहीन, चेतनाहीन
  • अभिप्राय – अर्थ, मतलब, मायने, तात्पर्य, आशय
  • अमृत – सोम, अमिय, सुधा, पीयुष, अभी
  • अग्नि – आग, अनल, पावक, दव, ज्वाला, ज्वलन, धूम्रकेतु, धंन्नजय, जातदेव, हुताशन, वैश्वानर, वायुसख, दहन, • कृषानु, रोहिताश्व्, वहिन 
  • अश्व – घोडा, तुरंग, घोटक, हय, बाजि, रविसुत सैंधव
  • अचल – गिरि, शैल, नग, महिधर, आद्रि 
  • अचला – पृथ्वी, धरती, क्षिति, वसुन्धरा, वसुधा, धरा
  • अक्षर – वर्ण, मोक्ष, शिव, ब्रम्हा 
  • अतिथि – मेहमान, पाहुन, आगुन्तुक, अभ्यागत
  • अन्वेषण – खोज, जाँच, शोध, गवेषण, अनुसंधान
  • असुर – राक्षस, दानव, दैत्य, तमीरचर, सुरारि, दनुज, निशाचर, रजनीचर, यातुधान, 
  • अज – बकरा, ब्रम्हा, ईश्वर, दशरथ के जनक 
  • अनाज- अन्न, गल्ला, शस्य, धान्य
  • अच्छा – बढ़िया, चोखा, उम्दा, आला, घणा 
  • अंश – भाग, हिस्सा, भंग, अवयव 
  • अध्यापक – शिक्षक, गुरु, आचार्य, प्रवक्ता, व्याख्याता

अभिमान से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Abhimaan Ka Paryayvachi Shabd

अभिमान – अभिमान का मतलब होता है अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु होता है जो अहंकार करता है। उसका विनाश निश्चित होता है। वह अपनी ही लगाई आग में खुद जलकर नष्ट हो जाता है। संसार का सबसे बुरा स्वाभाव होता है। घमंडी इंसान का अहंकार अपने कार्यों की वजह से चूर हो जाता है।

अहंकार मनुष्य में वर्षों से उनके जीवन में जगह बनाए हुए हैं। इंसान को घमंड तब होता है। जब उसे लगता है। कि हम सबसे ज्यादा सर्वश्रेष्ठ हैं और हम से ज्यादा सर्वश्रेष्ठ कोई और नहीं है। जब मनुष्य सोचता है तो वह निश्चित तौर पर अपना विनाश खुद कर लेता है। वह जिस तरक्की पर अहंकार करता है उसकी तरक्की वहीं से समाप्त हो जाती है।

जिस व्यक्ति ने अहंकार किया है। उस व्यक्ति का अहंकार वक्त के साथ चूर हो गया है। परिवर्तन लाना जीवन में बहुत जरूरी है। अगर आज व्यक्ति श्रेष्ठ है तो उससे काबिल और भी कोई हो सकता है। इतिहास गवाह है। कि अहंकार करने वालो का हमेशा नाश हुआ है।

जैसे- रावण को अपने ज्ञानी होने पर घमंड था इसलिए घमंड ने उसका सर्वनाश कर दिया।

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