आंख का पर्यायवाची शब्द | Aankh Ka Paryayvachi Shabd Kya hai

आंख का पर्यायवाची शब्द | Aankh Ka Paryayvachi Shabd : लोचन, प्रेक्षण, नयन, दीदा, विलोचन, नेत्र, अम्बक, चक्षु, चख, ईक्षण, द्रग, नैन, दृष्टि आदि, आज की नई पोस्ट आंख का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की आंख का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही आ से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | (Aankh Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

aankh ka paryayvachi Shabd kya hota hai.png
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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

आंख का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

आंख का पर्यायवाची शब्दAankh Ka Paryayvachi Shabd
लोचन, प्रेक्षण, नयन, दीदा, विलोचन, नेत्र, अम्बक, चक्षु, चख, ईक्षण, द्रग, नैन, दृष्टिLochan, Prashkahan, Nayan, Dida, Vilochan, Netra, Embark, Chachu, Chak, Ichchad, Drug, Nain, Drishti

 से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • आदर्श – प्रतिरूप, मानक, नमूना, प्रतिमान
  • आतंक – दहशत, भीषिका, उपद्रव अतिभय, सन्त्रास 
  • आड़ – पर्दा, आश्रय, शरण, रोक, ओट
  • आदि – शुरू का, प्रथम, पहला, आरंभिक, आदिम, 
  • आधार – जड़, बुनियाद, मूल, सहारा, अवलंब 
  • आधुनिक – नया, नूतन, वर्तमानकालीन, अर्वाचीन
  • आवश्यक – जरूरी, अनिवार्य, अपरिहार्य बाध्यकार, 
  • आश्रम – मठ, कुटी, संघ, विहार
  • आँचल – पल्ला, दामन, कोना, कोर, छोर
  • आशय – मतलब, अर्थ, भाव, अभिप्राय, तात्पर्य, आशय
  • आकाश – गगन, नभ, अन्तरिक्ष, अम्बर, शुन्य, व्योम, अनन्त, अभ्र, द्या, पुष्कर  
  • आँख – नयन, नेत्र, लोचन, चक्षु, दृग, अक्षि, चख दीदा, अम्बक, ईक्षण, विलोचन,प्रेक्षण 
  • आदित्य – सूर्य, दिनकर, भास्कर, दिवाकर, 
  • आम – फलश्रेष्ठ, अमृतफल, आम्र, रसाल, सहकार, पियुम्बु, पिकंबन्धु, मन्मथालय, अब, आम्र, 
  • आहार – खाना, भोजन, भोज्यसामग्री, खाद्यय वस्तु,
  • आडम्बर – दिखाया, ढोंग, ढकोसला, प्रपंच, स्वांग, 
  • आपत्ति – आपदा, आफत, मुसीबत, विपदा, विपत्ति
  • आँसू – अश्रु, नयनजल, नेत्रनीर, नेत्रवारि, नयन नीर
  • आज्ञा – इजाजत, सहमति, मंजूरी, अनुमति, स्वीकृति
  • आखिरकार – अंततः, परिणामतः, अंततोगत्वा,  
  • आयुष्यमान – चिरंजीव, दीर्घजीवी, दीर्घायु, शतायु, चिरायु, 
  • आश्रय – भरोसा, सहारा, अवलब, आधार, प्रश्रय
  • आशीर्वाद – मंगलकामना, आशीष, आशीर्वचन, 
  • आवेग – जोश, तेजी, स्फूर्ति, चपलता, त्वरा 
  • आलसी – सुस्त, काहिल, निकम्मा, ठलुआ, निरुद्यमी
  • आदरणीय – पूजनीय, माननीय, पूज्य, सम्मान्य, मान्यवर, 
  • आचार – चरित्र, चाल-ढाल, स्वभाव, चाल-चलन, धूलि 
  • आख्यान – कहानी, कथा,किस्सा, वृत्तान्त, इतिवृत्त 
  • आकाश गंगा – मन्दाकिनी, स्वर्गनदी, नभगंगा, सुरनदी, नभोनदी।
  • आक्षेप – आरोप, इल्जाम, दोषारोपण, अभियोग 
  • आकृति – आकार, नैन-नक्श, चेहरा-मोहरा, गढ़न, डील-डौल
  • आकलन – औंकना, कूतना, आगणन

आंख से जुडे कुछ रोचक तथ्य

आंख – धरती पर लगभग हर जीव की दो आंखें होती हैं

नेत्र – अमिताभ बच्चन ने अपने नेत्र को मरणो प्रांत दान कर दी।

नयन – आंख का संस्कृत पर्यायवाची शब्द है।

दीदा – अमन अपने शत्रु को ऐसे देखने लगा मानो आंख न दीदा काढ़े।

दृष्टि – ‌ श्याम के दूर दृष्टि बहुत तेज है।

आंख हमारी 570 मेगापिक्सल के होती है। मनुष्य 0.4 सेंटीमीटर से 0.5 सेकंड पलक झपकाते है। जब हम आंख झपकते (Blink) करते हैं तो इतने कम समय के लिए होता है कि हमें पता भी नहीं चलता है।

एक दिन में हम लोग लगभग 28 हजार बार अपनी पलक Blink करते हैं। पूरे दिन में हम 30 मिनट तक Blink करने की वजह से अंधेरे में रहते हैं।

यानी पूरी जिंदगी में 5 साल हम लोग पर झपकने के चलते अंधेरे में रहते हैं।

हमारी आंख अनगिनत कलर्स में से सिर्फ 1 करोड़ कलर्स को पहचान सकती है। लेकिन बहुत सारे ऐसे कलर्स होते हैं। जिनको हमारी आंख देख भी नहीं सकती है।

मानव अपनी आंख से 20 किलोमीटर (12मील) की दूरी तक देख सकता है। इससे आगे हम इसलिए नहीं देख सकते हैं क्योंकि हवा में महजूद नमी, भूलकण और अन्य प्रदूषण कि वजह से हमारी आंख ज्यादा दूरी तक नहीं देख सकती है।

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