आज्ञा का पर्यायवाची शब्द | Aagya Ka Paryayvachi Shabd Kya Hota Hai

आज्ञा का पर्यायवाची शब्द | Aagya Ka Paryayvachi Shabd : निदेश, इजाजत, अनुमति, आदेश, फरमान, हुक्म, सहमति, मंजूरी, स्वीकृति, अभिमति, अनुज्ञा, निर्देश आदि, आज की नई पोस्ट आज्ञा का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की आज्ञा का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही अ से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | ( Aagya Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

aagya ka paryayvachi Shabd kya hota hai
aagya ka paryayvachi Shabd kya hota hai

पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

आज्ञा का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

आज्ञा का पर्यायवाची शब्दAagya Ka Paryayvachi Shabd
निदेश, इजाजत, अनुमति, आदेश, फरमान, हुक्म, सहमति, मंजूरी, स्वीकृति, अभिमति, अनुज्ञा, निर्देशNidesh, Ijazat, Anumati, Aadesh, Farman, Hukum, Sahmati, Manjuri, Shivakriti, Abhimati, Anugya, Nirdesh

से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • आचार – चरित्र, चाल-ढाल, स्वभाव, चाल-चलन, धूलि 
  • आख्यान – कहानी, कथा,किस्सा, वृत्तान्त, इतिवृत्त 
  • आकाश गंगा – मन्दाकिनी, स्वर्गनदी, नभगंगा, सुरनदी, नभोनदी।
  • आक्षेप – आरोप, इल्जाम, दोषारोपण, अभियोग 
  • आकृति – आकार, नैन-नक्श, चेहरा-मोहरा, गढ़न, डील-डौल
  • आकलन – औंकना, कूतना, आगणन
  • आवश्यक – जरूरी, अनिवार्य, अपरिहार्य बाध्यकार, 
  • आश्रम – मठ, कुटी, संघ, विहार
  • आँचल – पल्ला, दामन, कोना, कोर, छोर
  • आशय – मतलब, अर्थ, भाव, अभिप्राय, तात्पर्य, आशय
  • आकाश – गगन, नभ, अन्तरिक्ष, अम्बर, शुन्य, व्योम, अनन्त, अभ्र, द्या, पुष्कर  
  • आँख – नयन, नेत्र, लोचन, चक्षु, दृग, अक्षि, चख दीदा, अम्बक, ईक्षण, विलोचन,प्रेक्षण 
  • आदित्य – सूर्य, दिनकर, भास्कर, दिवाकर, 
  • आम – फलश्रेष्ठ, अमृतफल, आम्र, रसाल, सहकार, पियुम्बु, पिकंबन्धु, मन्मथालय, अब, आम्र, 
  • आहार – खाना, भोजन, भोज्यसामग्री, खाद्यय वस्तु,
  • आडम्बर – दिखाया, ढोंग, ढकोसला, प्रपंच, स्वांग, 
  • आपत्ति – आपदा, आफत, मुसीबत, विपदा, विपत्ति
  • आँसू – अश्रु, नयनजल, नेत्रनीर, नेत्रवारि, नयन नीर
  • आज्ञा – इजाजत, सहमति, मंजूरी, अनुमति, स्वीकृति
  • आदर्श – प्रतिरूप, मानक, नमूना, प्रतिमान
  • आतंक – दहशत, भीषिका, उपद्रव अतिभय, सन्त्रास 
  • आड़ – पर्दा, आश्रय, शरण, रोक, ओट
  • आदि – शुरू का, प्रथम, पहला, आरंभिक, आदिम, 
  • आधार – जड़, बुनियाद, मूल, सहारा, अवलंब 
  • आधुनिक – नया, नूतन, वर्तमानकालीन, अर्वाचीन
  • आखिरकार – अंततः, परिणामतः, अंततोगत्वा,  
  • आयुष्यमान – चिरंजीव, दीर्घजीवी, दीर्घायु, शतायु, चिरायु, 
  • आश्रय – भरोसा, सहारा, अवलब, आधार, प्रश्रय
  • आशीर्वाद – मंगलकामना, आशीष, आशीर्वचन, 
  • आवेग – जोश, तेजी, स्फूर्ति, चपलता, त्वरा 
  • आलसी – सुस्त, काहिल, निकम्मा, ठलुआ, निरुद्यमी
  • आदरणीय – पूजनीय, माननीय, पूज्य, सम्मान्य, मान्यवर
  • आनन्द – सुख, चैन, प्रसन्नता मोद, हर्ष, उल्लास,  विनोद, प्रमोद, आह्लाद, 
  • आवाज – ध्वनि, वाणी, शब्द, स्वर
  • आँगन – आँगना, अजिर, प्रांगण, बगर
  • आकर्षक – खिचाव, सम्मोहन, दिलकशी, विमोहन

आज्ञा से जुडे कुछ रोचक तथ्य

Aagya Ka Paryayvachi Shabd

आज्ञा- आज्ञा का मतलब होता है यह किसी की बात मानकर उसकी आज्ञा का पालन करना।

हमे अपने से बड़ों की आज्ञा का पालन करना चाहिए। अपने माता पिता की आज्ञा का पालन करना चाहिए। और हमें अपने शिक्षक की बात मानकर उनकी आज्ञा माननी चाहिए। क्योंकि वह हमें ज्ञान देते हैं। इसकी वजह से हम सही गलत को पहचानते हैं। सही रास्ते का चयन करते हैं। इसलिए हमें अपने गुरु की आज्ञा का पालन करना चाहिए। 

आज्ञा पालन का अर्थ होता है खुशी से अपने कर्तव्यों का पालन करना।

हर लड़के लड़की को अपनो से बड़े या अपने माता-पिता, अध्यापकों, बड़े, बुजुर्गों तथा बूढ़ों की आज्ञा का पालन खुसी से करना चाहिए। हमें अपने से बड़ों का कहना मानना चाहिए। क्योंकि वह हमें आगे बढ़ने और अपने कार्यों में सफल होने का आशीर्वाद देते हैं। इसलिए हमें अपने बड़े बुजुर्गों की आज्ञा का पालन करना चाहिए।

जिस परिवार में बच्चे अपने माता-पिता की सेवा करके अपने अच्छे आचरण और अपने मां-बाप की आज्ञा पर निर्भर रहते हैं। उस परिवार में सुख शांति और खुशियां कभी नष्ट नहीं होती हैं।

Leave a Comment