आग का पर्यायवाची शब्द | Aag Ka Paryayvachi Shabd Kya Hoga

आग का पर्यायवाची शब्द | Aag Ka Paryayvachi Shabd : अग्नि, अरुण, पावक, कृशानु, अनल, रोहिताश्व, जातवेद, दहन, वैश्वानर, वायुसखा, हुताशन,  हत्यवाहन, दव, ज्वाला, कृषानु, धूम्रकेतु, धन्नजय, ज्वलन, वहिन आदि, आज की नई पोस्ट आग का पर्यायवाची शब्द हिंदी में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की आग का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही आ से पर्यायवाची शब्द हिंदी में | (Aag Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

Aag ka paryayvachi Shabd kya hota hai.png
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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

आग का पर्यायवाची शब्द क्या होता है?

आग का पर्यायवाची शब्दAag Ka Paryayvachi Shabd
अग्नि, अरुण, पावक, कृशानु, अनल, रोहिताश्व, जातवेद, दहन, वैश्वानर, वायुसखा, हुताशन,  हत्यवाहन, दव, ज्वाला, कृषानु, धूम्रकेतु, धन्नजय, ज्वलन, वहिनAgni, Arun, Pavak, Krishanu, Anal, Rohitashv, Jaatwad, Dahan, VaishyaVarna, Vaushakha, Hutasan, Hatywahan, Dav, Jwala, Krishanu, Dhumraketu, Janjay, Jwalan, Vahin

से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

  • आनन्द – सुख, चैन, प्रसन्नता मोद, हर्ष, उल्लास,  विनोद, प्रमोद, आह्लाद, 
  • आवाज – ध्वनि, वाणी, शब्द, स्वर
  • आँगन – आँगना, अजिर, प्रांगण, बगर
  • आकर्षक – खिचाव, सम्मोहन, दिलकशी, विमोहन
  • आचार – चरित्र, चाल-ढाल, स्वभाव, चाल-चलन, धूलि 
  • आख्यान – कहानी, कथा,किस्सा, वृत्तान्त, इतिवृत्त 
  • आकाश गंगा – मन्दाकिनी, स्वर्गनदी, नभगंगा, सुरनदी, नभोनदी।
  • आक्षेप – आरोप, इल्जाम, दोषारोपण, अभियोग 
  • आकृति – आकार, नैन-नक्श, चेहरा-मोहरा, गढ़न, डील-डौल
  • आकलन – औंकना, कूतना, आगणन
  • आकाश – गगन, नभ, अन्तरिक्ष, अम्बर, शुन्य, व्योम, अनन्त, अभ्र, द्या, पुष्कर  
  • आँख – नयन, नेत्र, लोचन, चक्षु, दृग, अक्षि, चख दीदा, अम्बक, ईक्षण, विलोचन,प्रेक्षण 
  • आदित्य – सूर्य, दिनकर, भास्कर, दिवाकर, 
  • आम – फलश्रेष्ठ, अमृतफल, आम्र, रसाल, सहकार, पियुम्बु, पिकंबन्धु, मन्मथालय, अब, आम्र, 
  • आहार – खाना, भोजन, भोज्यसामग्री, खाद्यय वस्तु,
  • आडम्बर – दिखाया, ढोंग, ढकोसला, प्रपंच, स्वांग, 
  • आपत्ति – आपदा, आफत, मुसीबत, विपदा, विपत्ति
  • आँसू – अश्रु, नयनजल, नेत्रनीर, नेत्रवारि, नयन नीर
  • आज्ञा – इजाजत, सहमति, मंजूरी, अनुमति, स्वीकृति
  • आनन्द – सुख, चैन, प्रसन्नता मोद, हर्ष, उल्लास,  विनोद, प्रमोद, आह्लाद, 
  • आवाज – ध्वनि, वाणी, शब्द, स्वर
  • आँगन – आँगना, अजिर, प्रांगण, बगर
  • आकर्षक – खिचाव, सम्मोहन, दिलकशी, विमोहन
  • आदर्श – प्रतिरूप, मानक, नमूना, प्रतिमान
  • आतंक – दहशत, भीषिका, उपद्रव अतिभय, सन्त्रास 
  • आड़ – पर्दा, आश्रय, शरण, रोक, ओट
  • आदि – शुरू का, प्रथम, पहला, आरंभिक, आदिम, 
  • आधार – जड़, बुनियाद, मूल, सहारा, अवलंब 
  • आधुनिक – नया, नूतन, वर्तमानकालीन, अर्वाचीन
  • आखिरकार – अंततः, परिणामतः, अंततोगत्वा,  
  • आयुष्यमान – चिरंजीव, दीर्घजीवी, दीर्घायु, शतायु, चिरायु, 
  • आश्रय – भरोसा, सहारा, अवलब, आधार, प्रश्रय
  • आशीर्वाद – मंगलकामना, आशीष, आशीर्वचन, 
  • आवेग – जोश, तेजी, स्फूर्ति, चपलता, त्वरा 
  • आलसी – सुस्त, काहिल, निकम्मा, ठलुआ, निरुद्यमी
  • आदरणीय – पूजनीय, माननीय, पूज्य, सम्मान्य, मान्यवर
  • आदर्श – प्रतिरूप, मानक, नमूना, प्रतिमान
  • आतंक – दहशत, भीषिका, उपद्रव अतिभय, सन्त्रास 
  • आड़ – पर्दा, आश्रय, शरण, रोक, ओट
  • आदि – शुरू का, प्रथम, पहला, आरंभिक, आदिम, 
  • आधार – जड़, बुनियाद, मूल, सहारा, अवलंब 
  • आधुनिक – नया, नूतन, वर्तमानकालीन, अर्वाचीन

आग से जुडे कुछ रोचक तथ्य

आग का पर्यायवाची शब्द

दहन – आज होलिका दहन हुई है।

आग – पुराण पाषाण काल में पत्थरों को रगड़ने से अग्नि की खोज हुई थी।

ज्वाला – राकेश ने अपने शत्रु को देखते ही उसके गुस्से की ज्वाला जल उठी।

ज्वलन– यह पदार्थ ज्वलन शील है।

आग का इतिहास- आग की उत्पत्ति लगभग 20-25 लखा वर्ष पूर्व से 12 हजार वर्ष पूर्व तक मानी जाती है। माना जाता है कि दो पत्थरों के रगड़ने या टकराने से आग की उत्पत्ति हुई होगी।

जल के जितना आग भी उपयोगी है। आग के बिना मानव जीवन की परिकल्पना ही नहीं की जा सकती है।

पहले आदिमानव जानवरों से बचने के लिए आग को अपने रहने वाली गुफा के बाहर जलाते थे।

धीरे-धीरे उस आग का उपयोग भोजन बनाने में करने लगे।

आग की खोज के बाद सभ्यताओं को माना जाता है।

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