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जल का पर्यायवाची शब्द | Jal Ka Paryayvachi Shabd Kya Hai

जल का पर्यायवाची शब्द | Jal Ka Paryayvachi Shabd : पानी, सर्वमुख, अंबु, तोय, आब, सांरग, विंस, सांभर, वन, वारि, नीर, पय, सलिल, जीवन आदि, आज की नई पोस्ट जल का पर्यायवाची शब्द में आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की जल का पर्यायवाची शब्द तथा साथ ही ज से पर्यायवाची शब्द | (Jal Ka Paryayvachi Shabd in Hindi) के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण के माध्यम से इस पोस्ट को पढ़ेंगे।

jal ka paryayvachi Shabd kya hota hai.png
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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं?

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा : वह शब्द जो एक समान अर्थ (एक दूसरे की तरह अर्थ) रखते हैं। वो शब्द पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

चुंकि इनके अर्थ में समानता अवश्य रहती है लेकिन इनका प्रयोग विभिन्न प्रकार से होता है पर्यायवाची शब्दों को उसके गुण व भाव के अनुसार प्रयोग किया जाता है क्योंकि एक ही शब्द या नाम हर स्थान पर उपयुक्त नहीं हो सकता है ‘इच्छा’ शब्द के स्थान पर ‘कामना’ शब्द प्रयोग करना कितना शर्मनाक होगा आपको ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो छोटे व प्रचलित हो।

जल का पर्यायवाची शब्द क्या होता है

जल का पर्यायवाची शब्दJal Ka Paryayvachi Shabd
पानी, सर्वमुख, अंबु, तोय, आब, सांरग, विंस, सांभर, वन, वारि, नीर, पय, सलिल, जीवन, उदक, धनरस, अमृत, मेघपुष्प, आपु, अंभPani, Sarmukh, Ambu, Toy, Abba, Shanrang, Wins, Sambar, Van, Vari, Neer, Pay, Salil, Jivan, Udak, Dhanrash, Amrit, MeghPushpa, Aapu, Ammabh

ज से शुरू होने वाले पर्यायवाची शब्द

जल से जुडे कुछ रोचक तथ्य

जल की परिभाषा – जल रंगहीन, स्वादहीन गंधहीन होता है। जल उदासीन होता है यह एक योगिक है। जल का अणु सूत्र H2O होता है। जल का अनुपात 1:8 होता है।

भारी जल का सूत्र D2O होता है।

जल निम्नलिखित तीन रूप में पाया जाता है। : ठोस,  द्रव,  गैस

ठोस– ठोस (जल) का आयतन व आकार निश्चित होता है। जैसे 1 लीटर जल को यदि बर्फ के रूप में परिवर्तित किया जाता है। तब वह ठोस रूप में परिवर्तित हो जाता है। 1 लीटर बोतल में यदि आप पानी को जमाते हैं। तो वह एक ही लीटर बोतल में हो जाता है। उसी की तरह आकर ले लेता है। जिस बर्तन मैं उसे जमायेंग वह आपके अनुसार आपतन (आकार) हो जाता है। 

द्रव – द्रव का आकार निश्चित होता है 

गैस – गैस का न ही आकार निश्चित होता है और न ही आयतन निश्चित होता है।

जल निम्नलिखित तीन प्रकार का होता है।

1.शुद्ध जल  2.मृदु जल  3.दूषित जल

शुद्ध जलज्ञ- शुद्ध जल वह जल है हम समानता पीने में उपयोग करते हैं उसे शुद्ध जल कहते हैं। शुद्ध जल का धरातल पर boiling point 100°C होता है। यदि आप इस जल को किसी पहाड़ की चोटी पर उबालते हैं तो इसका boiling point बढ जाता है। जल की उबलने की क्रिया 4°C से प्रारंभ (शुरू) हो जाती है।

O°C पे जल जम जाता है। लेकिन जल 4°C से जमना प्रारंभ हो जाता है।

मृदु जल– मृदु जल को अधिक पीना चाहिए क्योंकि इसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम पाया जाता है। 

मृदु जल की पहचान करना बहुत ही आसान है। 

जैसे – जिस जल में साबुन के टुकड़े को घोलने से जिसमें झाक अधिक होगी वह मृदु जल कहलाता है। यदि जिस जल में झाग कम होती है। उसे कठोर जल कहते हैं।

दूषित जल – ऐसा जल जो पीने योग्य नहीं होता है। उसे दूसरी जल कहते हैं। दूषित जल का मापन BOD से किया जाता है। 

दूषित जल की शुद्धि के लिए बेकिंग पाउडर व क्लोरीन को जल में मिलाया जाता है।

जल से संबंधित कुछ बीमारियां – जल में इन कुछ तत्वों की अधिक मात्रा होने से कुछ बीमारियां हो जाती हैं।

जल में अधिक पारा (Hg) होने से – मिनिमाता

कैडमियम  –  ईटाई ईटाई

नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) – ब्लूबेरी सिंड्रोम (बच्चों में)

आरसैनिक    –   ब्लैक फूट (पशुओं में)

फ्लोरीन    –  क्लोरोसिस

शीशा        –   एनिमिया 

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